
रामजीलाल सुमन ने दिवंगत आईपीएस पूरन कुमार को दी श्रद्धांजलि, कहा–यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या
चंडीगढ़: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ सांसद एवं राष्ट्रीय महासचिव रामजीलाल सुमन दिवंगत आईपीएस पूरन कुमार के चंडीगढ़ स्थित आवास पहुंचे और उनके परिवार से मिलकर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने दिवंगत अधिकारी के पिता से मिलकर ढांढस बंधाया और मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि यह घटना आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है।श्री सुमन ने बताया कि आईपीएस पूरन कुमार को जातिगत भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा, जिसके चलते उन्होंने अपनी जान दे दी। उन्होंने कहा कि यह पूरी घटना भाजपा शासित राज्य सरकार और आला अफसरों की लापरवाही व षड्यंत्र का परिणाम है। श्री सुमन ने आरोप लगाया कि जैसे सुसाइड नोट में लिखा गया है, राज्य सरकार इस षड्यंत्र में शामिल है और दोषी अधिकारियों को बचाने का काम कर रही है।उन्होंने कहा कि यदि एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के साथ ऐसा सलूक हुआ है, तो दलित वर्ग से आने वाले अन्य कर्मचारियों की स्थिति और भी चिंताजनक है। रामजीलाल सुमन ने राज्य सरकार पर भरोसा नहीं करने की बात कहते हुए घटना की जांच हाईकोर्ट के आसीन न्यायाधीश से कराने की मांग की। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि एक उपनिरीक्षक द्वारा पुलिस महानिदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की जांच कैसे निष्पक्ष हो सकती है।इस अवसर पर श्री सुमन के साथ प्रतिनिधि मंडल में डॉ. विक्रम यादव अध्यक्ष, त्रिभुवन राजभर, राधेश्याम यादव, शेषनाथ यादव, सरदार जोगिंदर सिंह, महेन्द्र यादव, राजनारायण यादव, पंकज यादव, अवधेश कुमार, सुरजीत यादव, बलजीत सिंह, सुरेंद्र ठाकुर, संजीव वर्मा, नागेंद्र गुप्ता, राम शरीफ यादव, श्री प्रकाश यादव, अजर कुमार, अधिवक्ता राजेंद्र यादव, धर्म देव, अब्दुल खान, संतोष कुमार, राम आधार, विजय शंकर, दिलीप चौहान और पन्ने लाल उपस्थित रहे।श्री सुमन ने इस अवसर पर कहा कि यह घटना दलित समुदाय के लिए एक बड़ा सदमा है और इसके जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी दी कि समाज के सशक्त वर्ग को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठानी होगी और न्याय सुनिश्चित कराया जाना चाहिए।