
लखनऊ में कानून-व्यवस्था को लेकर प्रभारी मंत्री बोले- जनता का कोई काम नहीं रुके
लखनऊ: महिला सुरक्षा से लेकर ट्रैफिक जाम, स्कूलों के हालात से लेकर आवारा मवेशियों तक-हर मोर्चे पर जवाबदेही तय हुई। समीक्षा बैठक में अफसरों को सख्त हिदायत दी गई। कहा गया- न लापरवाही चलेगी, न ढिलाई। चाहे ट्रैफिक जाम हो या अतिक्रमण, स्कूलों की हालत हो या गौशालाओं की स्थिति सब में सुधार होना चाहिए। लखनऊ को स्मार्ट और सुरक्षित बनाने के लिए प्रदेश सरकार सख्त हुई है। प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक में अफसरों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक को जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाया गया। विकास के एजेंडे पर सख्ती दिखी और कानून-व्यवस्था पर दो-टूक हिदायतें भी मिलीं। लखनऊ की यातायात समस्या पर गंभीर चिंता जताते हुए मंत्री ने नगर निगम और ट्रैफिक विभाग को समन्वय में प्लान बनाने के निर्देश दिए। अस्थाई अतिक्रमण हटाने, सड़कों के किनारे ग्रिल लगाने और अवैध पार्किंग पर चालान की सख्त कार्रवाई के आदेश दिए।
जनप्रतिनिधियों की भूमिका अनिवार्य:
सभी सरकारी योजनाओं के वितरण कार्यक्रमों में विधायकों की अनिवार्य भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों को उपकरण व लाभ जनप्रतिनिधियों के माध्यम से ही वितरित कराए जाएं। माध्यमिक स्कूलों के जीर्णोद्धार के लिए चल रहे ‘प्रोजेक्ट अलंकार’ की समीक्षा हुई। मंत्री ने निर्देश दिए कि बचा हुआ कार्य जल्द पूरा कराया जाए। जानकीपुरम के एक स्कूल पर अवैध कब्जे को हटाने के निर्देश भी दिए।
गौ आश्रय केंद्रों की गहन समीक्षा: बैठक में गौशालाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। निर्देश दिया गया कि कोई निराश्रित मवेशी सड़क पर न दिखे। सभी ब्लॉकों में कैटल कैचिंग वाहन की व्यवस्था शीघ्र पूरी की जाए।