
धर्मगुरुओं का 10 से तीन दिवसीय महासम्मेलन
लखनऊ : हमारे शांतिपूर्ण देश के भाईचारे को नष्ट करने और हिंसा का माहौल बनाने के लिए, पवित्र कुरान और मोहम्मद साहब स.अ. की महिमा के अपमान की एक शृंखला तेज़ हो गई है। यह हम सब का मानवीय, नैतिक और धार्मिक दायित्व है कि जो लोग एकतरफा असत्य की बातें सुनते हैं और विचारधाराएं बनाते हैं, उनके मन में सच्चाई का संचार करें। इस संबंध में भारत की प्रसिद्ध संस्था तनज़ीमुल मकातिब की ओर से एक ईश्वर की इबादत और मानवता की सेवा, क़ुरआन और मोहम्मद साहब स.अ. का संदेश के शीर्षक से तीन दिवसीय महासम्मेलन शुक्रवार से शुरू होगा। 10, 11 और 12 दिसम्बर को आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन में विभिन्न धर्मों के धर्मगुरु एवं बुद्धिजीवी शामिल हो रहे हैं।

इसमें आसफी मस्जिद के इमामे जुमा मौलाना सय्यद कल्बे जवाद नकवी, मजलिसे उलमा ए हिंद के अध्यक्ष मौलाना सय्यद हुसैन मेहदी हुसैनी, दिल्ली के मौलाना काज़ी सय्यद मोहम्मद अस्करी, हौज़े इल्मिया हज़रत गुफरानमाब के प्रिंसिपल मौलाना सय्यद रज़ा हैदर ज़ैदी, शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड उत्तर प्रदेश के सदस्य मौलाना सय्यद रज़ा हुसैन, मदरसा जामिया जवादिया बनारस के मौलाना सय्यद ज़मीरुल हसन, जौनपुर के मौलाना सय्यद सफदर हुसैन के अलावा लखनऊ के नाज़िम फातिमा के मौलाना कौसर नदवी, ईसाई धर्म के धर्मगुरु लखनऊ स्थित कैथेड्रल चर्च के प्रीस्ट फादर डोनाल्ड डिसूज़ा ने इस महासम्मेलन का पूर्ण समर्थन करते हुए जनता से बड़ी संख्या में सम्मिलित होने की अपील की।