
कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान की पश्चिम जोन से हुई समीक्षा बैठक की शुरुआत, 18 सूत्री कार्ययोजना के तहत बूथ स्तर तक संगठन विस्तार का लक्ष्य
कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान की पश्चिम जोन से हुई समीक्षा बैठक की शुरुआत, 18 सूत्री कार्ययोजना के तहत बूथ स्तर तक संगठन विस्तार का लक्ष्य
लखनऊ: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में देशभर में चल रहे संगठन सृजन अभियान के तहत उत्तर प्रदेश में भी संगठन निर्माण को लेकर गंभीर प्रयास जारी हैं। इसी क्रम में शनिवार को प्रदेश के पश्चिम जोन से समीक्षा बैठकों की शुरुआत हुई।लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित इस समीक्षा बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और उत्तर प्रदेश प्रभारी अविनाश पाण्डेय, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय, कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’, राष्ट्रीय सचिव व सह प्रभारी प्रदीप नरवाल, निवर्तमान प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश सिंह और निवर्तमान प्रदेश महासचिव अनिल यादव प्रमुख रूप से मौजूद रहे।बैठक में पश्चिम जोन के 14 जनपदों—सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत, बुलंदशहर, गाजियाबाद, संभल, मेरठ, बिजनौर, हापुड़, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर और गौतमबुद्ध नगर—के जिला एवं शहर अध्यक्षों के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।अविनाश पाण्डेय ने कहा कि संगठन को सामाजिक न्याय के मूल्यों के अनुरूप तैयार किया जाना है, जैसा कि राहुल गांधी की सोच है। उन्होंने जोर देकर कहा कि संगठन में महिलाओं, दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को समुचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।उन्होंने बताया कि पार्टी की ओर से तैयार की गई 18 सूत्री कार्ययोजना के तहत हर बिंदु के लिए निश्चित समयसीमा तय की गई है ताकि कार्य पूरी प्रतिबद्धता और अनुशासन के साथ पूरे किए जा सकें। पाण्डेय ने कहा कि आगामी 100 दिन संगठनात्मक दृष्टि से बेहद निर्णायक होंगे। जिस पांच स्तरीय ढांचे का निर्माण इन दिनों हो रहा है, वही पार्टी की आगामी पंचायत और विधानसभा चुनावों में शक्ति का आधार बनेगा।उन्होंने सभी जिला एवं शहर अध्यक्षों को निर्देशित किया कि वे जल्द से जल्द बूथ स्तर तक संगठनात्मक ढांचा खड़ा करें और समयबद्ध ढंग से रिपोर्ट प्रस्तुत करें। अविनाश पाण्डेय ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन पदाधिकारियों की कार्यप्रणाली कमजोर पाई गई है, उन्हें या तो चेतावनी दी जाएगी या आवश्यकतानुसार परिवर्तन भी किया जाएगा।कांग्रेस का यह संगठन सृजन अभियान प्रदेश में संगठन को न सिर्फ पुनः सक्रिय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, बल्कि इसके ज़रिए आगामी चुनावों के लिए जमीनी ताकत भी मजबूत की जा रही है।
