diwali horizontal

स्वास्थ्य के विभिन्न मुद्दों की हुयी समीक्षा

0 248

बीसीपीएम ने सीखे स्वास्थ्य सूचकांक बेहतर करने के तरीके

बहराइच 29 अक्टूबर 2020 : स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच अंतिम व्यक्ति तक हो इसके लिए सीएमओ सभागार में सभी ब्लाकों के बीपीएम की समीक्षा बैठक की गयी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा आयोजित इस बैठक में गर्भवती महिलाओं की चार जांचें, बच्चों के टीकाकरण, एचबीएनसी कार्यक्रम, बच्चों के पोषण हेतु सभी सुपोषण घर की समुचित व्यवस्था के साथ ही आयुष्मान भारत के तहत बनने वाले गोल्डेन कार्ड की समीक्षा की गयी

बैठक को संबोधित करते हुये मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर परिणाम के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। इसके लिए विभाग के पास प्रयाप्त मानव संसाधन के साथ ही धन की प्रयाप्त व्यवस्था है। परंतु वित्तीय लेन देन में सभी को सावधानी बरतनी होगी, किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमिता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होने कहा कि गर्भवती महिलाओं की अनिवार्य रूप से चार जाँचें सुनिश्चित कराई जाएँ और उच्च जोखिम वाली महिलाओं की पहचान कर उनके उचित इलाज का प्रबंध किया जाय। उन्होने सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन करते हुये कार्य करने को कहा

डेटा फीडिंग की सिखायी गईं बारीकियाँ

कार्य बेहतर है तो परिणाम भी बेहतर होने चाहिए। इसके लिए डेटा फीडिंग करते समय सावधानी आवश्यक है। यूपी टीएसयू के जिला निगरानी एवं मूल्यांकन विशेषज्ञ आनंद गौरव ने सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को डेटा फीडिंग की बारीकियों पर चर्चा की । साथ ही गलत डेटा या बढ़ा चढ़ा कर डेटा फीड करने से निगेटिव मार्क्स के बारे में सावधान भी किया । उन्होने बताया कि विभाग द्वारा पोर्टल पर भेजे गए डेटा की गुणवत्ता का मूल्यांकन नीति आयोग द्वारा किए गए सर्वे से किया जाता है। इसलिए डेटा फीडिंग के समय सभी को सावधान रहना होगा

सेवाओं की गुणवत्ता के लिए बेहतर प्रयास

सभी को स्वास्थ्य सेवाएँ मिल सकें और उनकी गुणवत्ता भी बनी रहे इसके लिए जनपद के सभी उपकेन्द्रों को प्रसव केंद्र में परिवर्तित करने का प्रयास चल रहा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के डीपीएम सरजू खान ने बताया कि जिले में कुल 310 उप केन्द्रों में से 119 उपकेन्द्रों को प्रसव केन्द्र में परिवर्तित भी किया जा चुका है जिसमें 98 उपकेंद्र प्रसव के लिए क्रियाशील हैं।शेष उपकेन्द्रों के लिए प्रयास किया जा रहा है । उन्होने बताया कि प्रसव केन्द्रों की संख्या बढ़ाने से जहां एक तरफ लोगों को उनके घर के नजदीक स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध हो रहीं है वहीं अधिक प्रसव कराने वाले स्वास्थ्य केन्द्रों पर प्रसव और गर्भवती महिलाओं की जांच का भार कम होगा जिससे सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ेगी

इस मौके पर एसीएमओ डॉ योगिता जैन, एसीएमओ डॉ जयंत , डिप्टी सीएमओ डॉ अजीत चंद्रा, डिप्टी सीएमओ डॉ अनिल कुमार , जिला स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सूचना अधिकारी बृजेश सिंह सहित सभी ब्लाकों के बीपीएम और बीसीपीएम मौजूद रहे।

Leave A Reply

Your email address will not be published.