
सत्ताधारी अब पीडीए की जान लेने लगे हैं: अखिलेश यादव
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शाहजहांपुर के तिलहर में पुलिस छापेमारी के दौरान धक्का लगने से एक दलित व्यक्ति की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि अब सत्ताधारियों ने पीडीए की जान भी लेनी शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि जिनके लिए पीडीए की मौत मात्र ‘छुटपुट घटना’ है, उनके शासन-प्रशासन से किसी भी इंसाफ की उम्मीद करना बेकार है। इसलिए अगर अत्याचार और उत्पीड़न से बचना है तो अपनी सरकार बनाना ही एकमात्र रास्ता है।अखिलेश यादव ने कहा कि हमें अपने वोट को बचाना है और एकजुट होकर मतदान करना है, क्योंकि एकता ही हमारी सबसे बड़ी ढाल है। उन्होंने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अपील की कि पीडीए (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) का संदेश गाँव-गाँव, बस्ती-बस्ती और घर-घर तक पहुँचाया जाए। उन्होंने कहा कि जब पीडीए की सरकार बनेगी तभी सम्मान, संविधान और वोट का अधिकार सुरक्षित रहेगा, राशन, पेंशन और ज़मीन के कागज़ से नाम नहीं कटेंगे, और आरक्षण के साथ नौकरी का हक़ भी बचेगा।सपा अध्यक्ष ने कहा कि पीडीए की सरकार बनने पर सबको समान अवसर मिलेगा। किसानों को खाद, पानी और बीज की दिक्कत से मुक्ति मिलेगी, पुलिस का अत्याचार और भ्रष्टाचार खत्म होगा, अधिकारी जनता की बात सुनेंगे, मेहनतकशों को उनकी मजदूरी का पूरा हक़ मिलेगा, और हर घर तक एंबुलेंस सेवा पहुंचेगी। महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘स्त्री सम्मान-समृद्धि योजना’ के तहत प्रतिमाह खातों में सीधे धनराशि दी जाएगी उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार बनने पर युवाओं को नौकरी, काम और रोज़गार मिलेगा। नई शिक्षा, प्रशिक्षण और स्टार्टअप के लिए मदद दी जाएगी। पुरानी पूर्णकालिक भर्तियाँ बहाल होंगी, अग्निवीर योजना समाप्त होगी, और सैनिकों को आजीवन सम्मान मिलेगा। छोटे दुकानदारों और उद्यमियों को प्रोत्साहन मिलेगा, उद्योग और कारखाने दोबारा चलेंगे, पेशेवर वर्ग को आर्थिक राहत मिलेगी, बुजुर्गों को उचित ब्याज मिलेगा और हर गरीब व मरीज को मुफ्त इलाज, दवाइयां और जांच की सुविधा मिलेगी।अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार आने पर शिक्षक, आंगनबाड़ी, आशा वर्कर, सहायिकाएं, शिक्षा मित्र, खिलाड़ी, कलाकार, साहित्यकार और बुनकर सबको उनका अधिकार और सम्मान मिलेगा। उन्होंने कहा कि पीडीए की एकजुटता ही न्याय, सम्मान और रोज़गार की गारंटी है। इसलिए ठान लीजिए—जो भी पीड़ित है, वह पीडीए है, और पीडीए की एकता से ही अत्याचार और शोषण से मुक्ति संभव है।
