
रामनगर, बाराबंकी: ग्राम केसरीपुर में रामगोपाल पांडे के आवास पर रविकांत पांडे के संयोजन में जयगुरुदेव संगत उज्जैन से पधारे अवधेश कुमार तिवारी ने बताया कि मनुष्य जीवन से ही परमात्मा की प्राप्ति का मार्ग संभव है उन्होंने कहा कि गोस्वामी जी ने लिखा है मनुष्य जीवन के समान कोई अन्य जीवन नहीं है जिसके लिए देवता भी मनुष्य की योनि में जन्म के लिए लालायित रहते हैं। बगैर मनुष्य के जीवन के मोक्ष संभव नहीं है परमात्मा की दया सतगुरु के चरणों से ही प्राप्त होती है सच्चा सतगुरु अगर मिल जाए तो जीते जी परमात्मा की प्राप्ति संभव है जीवात्मा के कल्याण के लिए समर्थ सच्चे सतगुरु समय-समय पर अवतार लेते रहते हैं
उनकी पहचान कर पाना मनुष्य के लिए संभव नहीं है इसलिए सच्चे सद्गुरु में सदैव विश्वास रखना चाहिए अगर गुरु के बारे में तनिक भी भी भ्रम हो गया तो मनुष्य गुरु की कृपा से वंचित रह जाता है इसलिए सच्चे सद्गुरु के सदैव वचनों का पालन ही गुरु मंत्र होता है जो व्यक्ति अपने गुरु को भगवान के समान मानकर पूजन अर्चन बंधन करते हैं वह सदैव गुरु के कृपा पात्र होते हैं गोस्वामी जी ने लिखा है कि बंधन गुरु पद कंज कृपा सिंधु नर रुप हरि महा मोह तम पुंज जासु बच्चन रबि कर निकर गुरु को मनुष्य रूप में भगवान की संज्ञा दी गई है
गुरु के वचनों को पालन चलना ही शिष्य धर्म है कहा गया है कि ध्यान मूलम गुरु मूर्ति पूजा मूलम गुरु पदम मंत्र मूलम गुरु वाक्यम मोक्ष मूलम गुरु कृपा इस प्रकार से मनुष्य गुरु की भक्ति करके जीवात्मा को आवागमन से मुक्त कर सकता है मनुष्य जीवन में शाकाहारी सदाचारी रहना गृहस्थ जीवन का करना पालन करना अतिथि की सेवा करना आदि भगवान के पूजन से भी बढ़कर है बाबा उमाकांत महाराज शाकाहारी सदाचारी रहने के लिए लोगों को आगाह करते रहते हैं। इस अवसर पर कमलेश कुमार वर्मा, डॉ गुरबचन वर्मा, रामदेव कनौजिया, हनुमान प्रसाद, रामकृपाल मौर्या, राजेंद्र प्रसाद सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।