
लखनऊ : आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश के आप प्रभारी संजय सिंह ने गुरुवार को उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू को एक पत्र लिखा है। इस पत्र के जरिए उन्होंने यह कहा है कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार उन्हें डराने की कोशिश कर रही है। संजय सिंह ने यह भी लिखा है कि जिस तरह से मौजूदा सरकार में उन्हें परेशान किया जा रहा है और जितना अत्याचार यूपी में हो रहा है, उतना तो अंग्रेजों के शासनकाल में भी नहीं हुआ था।

उन्होंने कहा है कि किसी भी सरकार के द्वारा किए जा रहे भेदभाव और पक्षपात पूर्ण कार्यवाही के खिलाफ आवाज उठाना मेरा संवैधानिक अधिकार है लेकिन योगी सरकार अपने शासनकाल में इन अधिकारों का गला घोंट रही है। उन्होंने कहा है कि योगी सरकार मुझे अपने खिलाफ आवाज उठाने से रोकना चाहती है, यही वजह है कि मेरे ऊपर पिछले 9 दिनों में 9 मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
योगी सरकार ऐसा करके मेरे अंदर भय उत्पन्न करना चाहती है। उन्होंने उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू से जल्द से जल्द इस मामले में संज्ञान लेने का अनुरोध किया है और साथ ही यह भी कहा है कि योगी सरकार मुझे जानबूझकर गैर कानूनी तरीके से हिस्ट्रीशीटर अपराधी साबित करने में लगी हुई है। मुझे लगातार धमकियां दी जा रही हैं।
सांसद संजय सिंह ने यह भी कहा है कि मैं उच्च सदन का सदस्य हूं, संविधान मेरी आत्मा है और संविधान ने मुझे यह शिक्षा दी है कि जाति और धर्म के आधार पर कोई भी व्यक्ति या सरकार किसी से भेदभाव नहीं कर सकती है लेकिन योगी सरकार जाति के आधार पर लोगों के साथ भेदभाव कर रही है। किसी एक जाति को प्रमुखता से आगे करके दूसरे जातियों को पीछे ढकेल रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार कुछ भी करे लेकिन वह अपना सवाल करना नहीं छोड़ेंगे। संजय सिंह ने कहा कि मैं भी उत्तर प्रदेश का ही बेटा हूं और यहीं की मिट्टी में पला बढ़ा हूं। यहां का हर घर मेरा घर है और बच्चा-बच्चा मेरा परिवार है। संजय सिंह ने कहा कि भले ही योगी सरकार मेरे ऊपर 9 नहीं 9000 मुकदमे भी कर दे, तो भी मैं जन सरोकार नहीं छोड़ुंगा।
योगी सरकार को दी चुनौती
आपको बता दें कि आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह गुरुवार को नाटकीय घटनाक्रम में विधानसभा के अंदर पहुंच गए और यही नहीं राज्यपाल दीर्घा में बैठकर सदन की कार्यवाही भी देखी। इस दौरान विधानभवन में खड़े होकर उन्होंने राज्य सरकार को चुनौती भी दी कि अगर सरकार में हिम्मत है तो उन्हें गिरफ्तार करके दिखाए।