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जातिगत जनगणना पर संजय सिंह का भाजपा पर तीखा हमला, कहा— यह चुनावी जुमला और पहलगाम से ध्यान भटकाने की साजिश

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जातिगत जनगणना पर संजय सिंह का भाजपा पर तीखा हमला, कहा— यह चुनावी जुमला और पहलगाम से ध्यान भटकाने की साजिश

लखनऊ: आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह ने शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान जातिगत जनगणना के मुद्दे पर केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने हमेशा जातीय जनगणना का विरोध किया है, लेकिन अब चुनावी लाभ के लिए अचानक उसका समर्थन कर रही है। उन्होंने इसे भाजपा का चुनावी जुमला करार दिया और कहा कि इसका उद्देश्य बिहार चुनाव से पहले लाभ उठाना और साथ ही पहलगाम की घटना से जनता का ध्यान भटकाना है।संजय सिंह ने कहा कि यह वही भाजपा है जिसके प्रधानमंत्री ने खुद जातीय जनगणना को पाप बताया था। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और अनुराग ठाकुर जैसे प्रमुख नेताओं ने भी अतीत में इसके खिलाफ खुलकर बयान दिए हैं। इसके बावजूद अब भाजपा ने यू-टर्न लिया है, जो उसकी अवसरवादी राजनीति का प्रमाण है।संजय सिंह ने केंद्र सरकार से स्पष्ट किया कि यदि वास्तव में सरकार जातिगत जनगणना को लेकर गंभीर है, तो वह इसकी तिथि घोषित करे और बजट का प्रावधान करे। उन्होंने कहा कि कहीं यह महिला आरक्षण कानून की तरह न बन जाए, जिसे कानून बनाने के बाद भी लागू करने की समयसीमा तय नहीं की गई।
उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि अगर जातिवार आंकड़े आ भी गए तो फिर सरकार का अगला कदम क्या होगा। उन्होंने आरक्षण व्यवस्था का हवाला देते हुए कहा कि अदालत पहले ही 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण पर रोक लगा चुकी है, ऐसे में सरकार को बताना चाहिए कि वह किस दिशा में आगे बढ़ेगी।प्रेसवार्ता में संजय सिंह ने केंद्र सरकार की नौकरियों और न्यायपालिका में सामाजिक न्याय को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के अनुसार सचिव और संयुक्त सचिव स्तर के 322 अधिकारियों में से 254 सामान्य वर्ग से हैं, जबकि ओबीसी के केवल 39, एससी के 13 और एसटी के 16 अधिकारी हैं। उच्च न्यायपालिका की स्थिति और भी चिंताजनक है, जहां देशभर के हाईकोर्ट में 661 जजों में से 550 सामान्य वर्ग के हैं और ओबीसी, एससी और एसटी की संख्या बेहद कम है। केंद्रीय विश्वविद्यालयों में भी SC के 82%, ST के 93% और OBC के 96% पद अब भी खाली हैं।उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार सिर्फ सरकारी कंपनियां ही नहीं, बल्कि एससी, एसटी और ओबीसी समुदायों के भविष्य को भी बेच रही है। आउटसोर्सिंग के जरिए ड्राइवर, क्लर्क और सफाईकर्मी जैसी नौकरियां खत्म की जा रही हैं, जिससे इन वर्गों को आरक्षण से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यूपीएससी की इंटरव्यू प्रक्रिया में भी भेदभाव होता है, जिससे उसकी पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं।प्रेसवार्ता के अंत में संजय सिंह ने जानकारी दी कि आम आदमी पार्टी 3 और 4 मई को प्रयागराज में दो दिवसीय “संकल्प शिविर” का आयोजन करने जा रही है। इस शिविर में पार्टी के सभी प्रमुख पदाधिकारी, प्रकोष्ठों के अध्यक्ष और जिला अध्यक्ष शामिल होंगे। शिविर में आत्ममंथन कर उत्तर प्रदेश की राजनीतिक दिशा और संगठन की भावी रणनीति पर विचार किया जाएगा।

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