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स्कूलों के विलय के खिलाफ ‘स्कूल बचाओ अभियान’ तेज, 2 अगस्त को लखनऊ में आम आदमी पार्टी का बड़ा आंदोलन

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स्कूलों के विलय के खिलाफ ‘स्कूल बचाओ अभियान’ तेज, 2 अगस्त को लखनऊ में आम आदमी पार्टी का बड़ा आंदोलन

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 27,000 परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों के विलय व बंदी के फैसले के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है। ‘स्कूल बचाओ अभियान’ के तहत शनिवार को नोएडा में प्रेस वार्ता करते हुए आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद और यूपी प्रभारी संजय सिंह ने सरकार पर दलित-पिछड़े वर्गों के बच्चों को शिक्षा से वंचित करने का आरोप लगाया। उन्होंने एलान किया कि पार्टी 2 अगस्त को लखनऊ में एक बड़ा आंदोलन करेगी और इस फैसले के खिलाफ सड़क से संसद तक संघर्ष करेगी।संजय सिंह ने प्रेसवार्ता में हेल्पलाइन नंबर 75 0004 0004 जारी करते हुए जनता से अपील की कि इस नंबर पर मिस्ड कॉल देकर आंदोलन से जुड़ें। उन्होंने कहा, “योगी सरकार की यह नीति दलित बस्तियों और पिछड़े समाज के गांवों में बच्चों को अनपढ़ रखने की साजिश है। स्कूल बंद करके सरकार यह चाहती है कि गरीब का बच्चा शिक्षा से दूर हो जाए, लेकिन आम आदमी पार्टी यह षड्यंत्र सफल नहीं होने देगी।”संजय सिंह ने कहा कि स्कूलों में पहले ही मिड डे मील, शौचालय, भवन जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी है। सुविधाएं देने के बजाय सरकार स्कूल बंद कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शराब की दुकानें तो हर आधे किलोमीटर पर मिल जाएंगी, लेकिन स्कूल नहीं। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए सर्वे के हवाले से उन्होंने बताया कि स्कूलों के विलय के चलते अब बच्चों को खतरनाक रास्तों से होकर दूर-दराज स्कूलों में जाना पड़ रहा है।आप सांसद ने कहा कि देवरिया जिले में सरकार ने 33 स्कूलों के विलय का फैसला वापस लिया है, जो पार्टी के आंदोलन का परिणाम है, लेकिन जब तक 27,000 स्कूलों के विलय का निर्णय रद्द नहीं होता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में भी ले जाया जाएगा और संसद में भी उठाया जाएगा।इस मौके पर आप के यूपी सह प्रभारी दिलीप पांडेय ने कहा कि योगी सरकार की प्राथमिकता में बच्चों की शिक्षा नहीं है, बल्कि एक्साइज से पैसा कमाना है। उन्होंने कहा कि “सरकार की यह नीति दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक बच्चों को शिक्षा से वंचित करने की रणनीति है। दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार ने शिक्षा के जरिए बदलाव की मिसाल कायम की है, यूपी के लोगों को भी इस आंदोलन से जुड़कर अपने बच्चों का भविष्य सुरक्षित करना होगा।”आप के अन्य नेताओं ने भी सरकार के इस फैसले की तीखी आलोचना की। यूपी सह प्रभारी अनिल झा ने कहा, “सरकार को तय करना होगा कि वह मधुशाला बढ़ाएगी या पाठशाला बचाएगी। आज की स्थिति यह है कि 72% से अधिक दलित और अल्पसंख्यक बच्चे स्कूलों से बाहर हैं, जो बेहद शर्मनाक है।” वहीं सह प्रभारी विशेष रवि ने कहा कि सरकार तालीम पर ताला लगा रही है और यह बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।अंत में संजय सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी दिल्ली के शिक्षा मॉडल की तर्ज पर उत्तर प्रदेश के हर बच्चे को मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने दोहराया कि “फोन लगाओ, स्कूल बचाओ” अभियान से ज्यादा से ज्यादा लोग जुड़ें और 2 अगस्त को लखनऊ में आंदोलन का हिस्सा बनें।

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