
स्कूल बचाओ आंदोलन” को EV ऑटो चालकों का समर्थन, आप ने प्रितपाल सिंह सलूजा को प्रदेश अध्यक्ष किया नियुक्त
स्कूल बचाओ आंदोलन” को EV ऑटो चालकों का समर्थन, आप ने प्रितपाल सिंह सलूजा को प्रदेश अध्यक्ष किया नियुक्त
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सरकारी स्कूलों को बंद किए जाने के खिलाफ आम आदमी पार्टी द्वारा चलाए जा रहे “स्कूल बचाओ आंदोलन” को अब इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर ऑटो चालकों का भी व्यापक समर्थन मिल गया है। मंगलवार को आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश ने संगठनात्मक विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए प्रितपाल सिंह सलूजा को पार्टी के ऑटो विंग का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया।प्रदेश प्रभारी व राज्यसभा सांसद संजय सिंह द्वारा की गई इस नियुक्ति के साथ ही ऑटो यूनियन के हजारों चालकों और उनके परिवारों का समर्थन आम आदमी पार्टी के साथ और मजबूत हो गया है। पदभार ग्रहण करते हुए प्रितपाल सिंह सलूजा ने पार्टी नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी जनहित के मुद्दों पर सदैव मुखर रही है — फिर चाहे वह बिजली के दाम हों, स्कूलों को बंद किए जाने का विरोध हो या आम जनता की रोज़मर्रा की समस्याएं।साल 2021 में बिजली दरों में हुई भारी वृद्धि के खिलाफ ईको गार्डन में हुए जबरदस्त बिजली आंदोलन को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उस समय भी EV थ्री व्हीलर ऑटो चालकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था और अब 2 अगस्त को लखनऊ में होने वाले “स्कूल बचाओ आंदोलन” में भी यूनियन के सभी चालक और वाहन स्वामी बड़ी संख्या में भाग लेंगे।सालूजा ने कहा, “सरकारी स्कूलों को बंद करना, प्रदेश के गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। हम इस अन्याय के खिलाफ आम आदमी पार्टी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। हमारी यूनियन प्रदेश के लाखों ऑटो चालकों और उनके परिवारों की आवाज़ है, और हम अपने बच्चों के भविष्य की इस लड़ाई को कमजोर नहीं पड़ने देंगे।”उन्होंने आगे कहा कि सांसद संजय सिंह ने हमेशा ऑटो चालकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उसे संसद और सड़कों पर मजबूती से उठाया है। यूनियन को उम्मीद है कि आगामी दिनों में भी आम आदमी पार्टी उनके मुद्दों पर उतनी ही संजीदगी से ध्यान देगी।
इस अवसर पर आम आदमी पार्टी के सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रितपाल सिंह सलूजा को उनकी नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं और भरोसा जताया कि उनके नेतृत्व में पार्टी का ऑटो विंग और अधिक मजबूत होगा तथा जनसरोकारों के आंदोलनों को नया विस्तार मिलेगा।
