
लखनऊ में 4 साल की बच्ची के साथ अश्लील हरकत, जातिसूचक गाली और धमकी देने वाला स्कूल वैन ड्राइवर गिरफ्तार, स्कूल प्रबंधक पर भी लापरवाही का आरोप
लखनऊ में 4 साल की बच्ची के साथ अश्लील हरकत, जातिसूचक गाली और धमकी देने वाला स्कूल वैन ड्राइवर गिरफ्तार, स्कूल प्रबंधक पर भी लापरवाही का आरोप
लखनऊ: राजधानी के इंदिरानगर थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक स्कूल वैन चालक ने 4 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ अश्लील हरकत की। बच्ची की मां ने जब इस घटना की शिकायत की, तो न केवल उसकी बात को स्कूल प्रबंधन द्वारा नजरअंदाज किया गया, बल्कि आरोपी वैन चालक ने पीड़िता और उसकी बेटी को जातिसूचक गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस ने इस गंभीर प्रकरण में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि स्कूल प्रबंधक को भी लापरवाही के आरोप में नामजद किया गया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता ने 17 जुलाई को थाना इंदिरानगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 4 वर्षीय पुत्री के साथ स्कूल वैन चालक मोहम्मद आरिफ ने अश्लील हरकत की। जब उसने स्कूल प्रबंधन से शिकायत की तो कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके विपरीत, आरोपी आरिफ ने जातिसूचक गालियां देते हुए मां-बेटी को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया। इसमें भारतीय दंड संहिता (BNS) की धारा 65(2), 352, 351(2), पॉक्सो एक्ट की धारा 5(m)/6 तथा अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराएं 3(2)V और 3(2)V(a) शामिल हैं। मामले में स्कूल प्रबंधक संदीप कुमार को भी नामजद किया गया है, जिन पर मामले को दबाने और आरोपी को संरक्षण देने का आरोप है।सहायक पुलिस आयुक्त गाजीपुर द्वारा जारी निर्देश के अनुपालन में थाना इंदिरानगर पुलिस की टीम ने 18 जुलाई को आरोपी मोहम्मद आरिफ (उम्र 25 वर्ष), निवासी लवकुश नगर, आम्रपाली के पास, थाना गाजीपुर क्षेत्र को सर्वोदय नगर बंधा, कल्याण अपार्टमेंट के पास से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में थाना प्रभारी सुनील कुमार तिवारी, उपनिरीक्षक देवेंद्र सिंह, उपनिरीक्षक राजेश यादव और कांस्टेबल संजय सरोज शामिल रहे।इंदिरानगर पुलिस ने आरोपी को थाने लाकर विधिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी है और पीड़ित परिवार की सुरक्षा एवं न्याय सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने जांच को प्राथमिकता पर रखते हुए सभी साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।यह घटना न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा, निगरानी और जवाबदेही की व्यवस्था पर भी गंभीर चिंता पैदा करती है। अभिभावकों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।
