
विदेशमंत्री जयशंकर की सुरक्षा में चूक; भारत ने इसे गंभीरता से लिया।
अंतरराष्ट्रीय: विदेश मंत्री एस जयशंकर के रास्ते को खालिस्तान समर्थक प्रदर्शनकारियों द्वारा रोके जाने के मामले को भारत सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है. भारतीय जांच एजेंसियां इन प्रदर्शनकारियों में से हर एक को चुनचुन कर सामने लाने की रणनीति पर काम कर रही हैं.

इसके लिए उसने खालिस्तान समर्थकों के भारतीय कनेक्शन की तफ्तीश शुरू कर दी है. वीडियो फुटेज के आधार पर प्रदर्शनकारियों के पहचान की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है. गुरुवार को लंदन की छह दिवसीय दौरे पर गए विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर की सुरक्षा में चूक हुई है, जिसके बाद ब्रिटेन पर कूटनीतिक दबाव बढ़ गया है. ब्रिटेन के विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी के सांसद बॉब ब्लैकमैन ने इस मुद्दे को वहां के संसद में उठाया और इसे ‘खालिस्तानी गुंडों’ की ओर से हमला बताया. घटना गुरुवार शाम लंदन के चैथम हाउस के बाहर हुई, जब डॉ. जयशंकर एक सार्वजनिक कार्यक्रम के बाद निकल रहे थे. कमैन ने संसद में कहा कि गुरुवार भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर पर हमला हुआ, जब वह एक सार्वजनिक स्थान से निकल रहे थे. उन पर खालिस्तानी गुंडों ने हमला किया. यह जिनेवा कन्वेंशन के खिलाफ है और ऐसा लगता है कि पुलिस और सुरक्षा बल उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में नाकाम रहे. हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि यह ऐसा दोबारा न हो. जांच एजेंसियों को इस बात का अंदेशा है कि कुछ महीने पहले इंडियन हाई कमीशन के सामने जो हिंसक प्रदर्शन किया गया था उनमें से कुछ प्रदर्शनकारी इस प्रदर्शन में भी शामिल हो सकते हैं. खुफिया सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक भारत में मौजूद इन खालिस्तानी समर्थकों की संलिप्तता तथा इस पूरे प्रकरण में उनके हाथ साबित होते हैं