diwali horizontal

मिशन शक्ति के तहत पारा थाना क्षेत्र में बच्चों को सिखाए गए आत्मरक्षा और सुरक्षा के गुर

0 42
मिशन शक्ति के तहत पारा थाना क्षेत्र में बच्चों को सिखाए गए आत्मरक्षा और सुरक्षा के गुर

लखनऊ: महिला सुरक्षा और बाल संरक्षण को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “मिशन शक्ति 5.0” अभियान के तहत लखनऊ कमिश्नरेट में लगातार जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार को थाना पारा की पिंक बूथ 26 टीम ने नरपतखेड़ा स्थित आंगनबाड़ी केन्द्र में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें बच्चों को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा और “गुड टच-बैड टच” की जानकारी दी गई।कार्यक्रम में पुलिस टीम ने बच्चों को सरल और व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से यह सिखाया कि किस तरह वे किसी भी असहज स्थिति को पहचान सकें और तुरंत अपने अभिभावकों या शिक्षकों को इसकी जानकारी दें। महिला पुलिसकर्मियों ने आत्मरक्षा के आसान व प्रभावी तरीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया। कार्यक्रम के दौरान बड़ी कक्षाओं के बच्चों को साइबर अपराध से बचाव और ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़ी जानकारी दी गई।पुलिस अधिकारियों ने बच्चों से संवादात्मक सत्र भी किया, जिसमें उन्होंने खुले मन से अपने सवाल पूछे और अपनी जिज्ञासाएँ साझा कीं। कार्यक्रम में प्रश्नोत्तरी सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें सही उत्तर देने वाले बच्चों को पुलिस टीम की ओर से छोटे पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया।थाना पारा के हेड कांस्टेबल मानवेंद्र, कांस्टेबल श्रीकृष्ण गोंड और महिला कांस्टेबल पूजी सरोज के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 20 से 25 महिलाएं और बच्चे उपस्थित रहे। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और अध्यापिकाओं ने पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियां बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें व्यवहारिक जीवन के प्रति सजग बनाने में सहायक हैं।मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत पुलिस आयुक्त अमरेन्द्र कुमार सेंगर के निर्देशन में लखनऊ कमिश्नरेट के सभी 54 थानों में मिशन शक्ति केन्द्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिनमें प्रशिक्षित पुलिस अधिकारी और महिला कर्मी तैनात हैं। इन केंद्रों के माध्यम से महिलाओं और बच्चों की शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है।यह कार्यक्रम समाज में सुरक्षा और जागरूकता की भावना को मजबूत करने का एक सकारात्मक प्रयास साबित हुआ। इससे न केवल बच्चों में आत्मरक्षा और जागरूकता की समझ बढ़ी, बल्कि पुलिस और समुदाय के बीच एक विश्वासपूर्ण रिश्ता भी स्थापित हुआ। यह पहल “मिशन शक्ति” के उस व्यापक लक्ष्य को आगे बढ़ा रही है, जिसके अंतर्गत एक सशक्त, आत्मनिर्भर और सुरक्षित समाज का निर्माण किया जा रहा है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.