
बिहार: अब उत्तर प्रदेश में भी चुनाव आयोग द्वारा घोषित स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया लागू हो रही है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध, पारदर्शी और फर्जी प्रविष्टियों से मुक्त करना है। चुनावी अधिकारियों का कहना है कि SIR के दौरान नामांकन, पते और पहचान की पुष्टि की जाएगी तथा सूचनाओं में सुधार/हटाने के लिए स्थानीय स्तर पर विशेष शिविर और वेरिफिकेशन ड्राइव चलाए जाएंगे। प्रशासन हर बूथ पर टीमें तैनात कर वोटरों से संपर्क कर रही है ताकि फर्जी, डुप्लिकेट या मृतक वोटरों को सूची से हटाया जा सके और नए योग्य मतदाताओं का समुचित समावेश सुनिश्चित हो। इस प्रक्रिया में शामिल लोगों से आमतौर पर पहचान और निवास प्रमाण के दस्तावेज़ मांगे जाते हैं ताकि नामांकन की सच्चाई की पुष्टि हो सके — साथ ही चुनाव आयोग या राज्य CEO द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक ही अंतिम कार्रवाई की जाएगी।![]()
A. SIR के दौरान आम तौर पर मांगे जाने वाले दस्तावेज (समान्य सूची):

मतदाता पहचान पत्र (EPIC / Voter ID) — यदि मौजूद हो तो सबसे उपयुक्त।
आधार कार्ड (Aadhaar) — पहचान व पते के मिलान के लिए।
पासपोर्ट / ड्राइविंग लाइसेंस / पैन कार्ड — वैकल्पिक फोटो पहचान।
राशन कार्ड / बैंक पासबुक / बिजली-पानी बिल (निवास प्रमाण के तौर पर) — हालिया बिल या रिकॉर्ड।
सरकारी जारी फोटो-ID (जैसे कर्मचारी कार्ड) या जन्म-प्रमाण पत्र (यदि आवेदक की आयु सत्यापित करनी हो)।
B. उपयोगी सुझाव
यदि आप SIR में अपना नाम सत्यापित/संशोधित कराना चाहते हैं तो ऊपर के मूल दस्तावेज़ साथ लेकर स्थानीय मतदाता सहायता केंद्र (Voter Facilitation Centre), बूथ कार्यालय या निर्वाचक रजिस्ट्रार के शिविर में उपस्थित हों।
आधिकारिक प्रक्रिया, तिथियाँ और दस्तावेज़ सूची के लिए चुनाव आयोग (ECI) या उत्तर प्रदेश मुख्य निर्वाचन अधिकारी की आधिकारिक वेबसाइट/नोटिफिकेशन देखें; किसी भी अनधिकृत दावे से बचें।