
मध्य प्रदेश : में लव जिहाद कानून का आधार बनने वाली पीड़िता की संदिग्ध तरीके से मौत हो गई, जो एक साथ कई सारे सवाल खड़े कर गई. बताया जा रहा है कि पीड़िता की मौत 4 मई को हो चुकी थी, लेकिन सोशल मीडिया में इसकी खबर बीते मंगलवार को इसकी आई, तब जाकर मामला सामने आया. परिजनों के मुताबिक 25 अप्रैल को पीड़िता अपनी सहेली के साथ दिल्ली गई थी. 28 अप्रैल को दिल्ली से लौटने के बाद पीड़िता की तबियत खराब हुई. 4 मई की शाम उसे सांस लेने में दिक्कत हुई, और अचानक दम तोड़ दिया. परिजनों ने यह भी बताया कि दिल्ली जाने पर उसके मोबाइल पर भी घर वालों का संपर्क नहीं हो पा रहा था. 4 मई को पीड़िता की घर में ही संदिग्ध मौत होने के बाद परिवार वालों ने सतना में अंतिम संस्कार न करते हुए, रीवा जिले में उनके पैतृक गांव में ही अंतिम संस्कार कर दिया. पीड़िता का अंतिम संस्कार करने के बाद परिवार 18 मई को वापस सतना आ गया था. तब जाकर लोगों को पीड़िता की मौत का पता चला. इसके पूर्व में पीड़िता के पिता ने आरोपी सिकंदर के कांग्रेसी पार्षद भाई मो. रईस पर राजीनामा करने का दबाव बनाने और केस वापस न लेने पर पूरे परिवार को जान से मार देने की धमकी देने का आरोप लगाया था.
जानकारी के मुताबिक दुष्कर्म का आरोपी सिकंदर उर्फ समीर उर्फ अतीक अहमद 25 अप्रैल को ही जमानत पर बाहर आ चुका था. आरोपी सिकंदर ने पीड़िता को हिंदू नाम अपने जाल में फंसाया और उसके दुष्कर्म के साथ साथ सूदखोरी और अश्लील वीडियो क्लिप्स के कारोबार से जुड़े कई राज भी फाश हुए थे. पुलिस अधीक्षक के मुताबिक पीड़ित नाबालिग ने ही बताया था कि आरोपी सिकंदर फेसबुक पर समीर बनकर उससे दोस्ती किया था. उसके कुछ दिन बाद अपने फॉर्म हाउस पर बुलाकर नशीली दवा खिलाकर दुष्कर्म किया और वीडियो भी बना लिया. जब पीड़ित नाबालिग ने उस पर वीडियो डिलीट करने का दबाव बनाया तो वह वीडियो वायरल करने की धमकी देता था जिसके बाद नाबालिग ने पुलिस में शिकायत की थी.