बनवारी की अम्मा 1970 के दशक के मध्य भारत में लखनऊ नामक शहर में आधारित एक फिल्म है। यह कहानी एक मध्यमवर्गीय परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका मुख्य कमाने वाला व्यक्ति एक सरकारी दफ्तर में टाइपिस्ट के रूप में काम करता है। Read More...
सुभाष केसरवानी पुत्र सूर्य बली केसरवानी निवासी जसरा बाजार, काफी दिनों से बीमार रहते थे। जिसके कारण डिप्रेशन में आकर घर खाली पाकर कमरे के बड़ेर से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। Read More...
बांदा। बैलगाड़ी से पुआल लादने खेत जा रहे किसान को ट्रक ने टक्कर मार दी, जिससे किसान ट्रक के नीचे आकर कुचल गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। चपेट में आकर बैलगाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। एक बैल भी मर गया। हादसा करने के बाद मौके से भाग रहा ट्रक… Read More...