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हंगामेदार रहा उत्तर प्रदेश विधानसभा का  बजट सत्र

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लखनऊ  : उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की शुरूआत शोरशराबे और हंगामें के साथ हुई। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण पढ़ने की शुरूआत में ही विपक्ष के सदस्य शोरशराबा और हंगामा करने लगे। राज्यपाल ने विपक्ष के सदस्यों के शोरशराबे और हंगामें के बीच अपना अभिभाषण जारी रखा। सपा के सदस्य लाल और बसपा के सदस्य नीली टोपी पहनकर सदन में आए थे। राज्यपाल ने अपना अभिभाषण लगभग पैतालिस मिनट में पूरा किया। समवेत सदन के बावजूद अभिभाषण के शुरूआत में कुछ मिनटों तक विपक्ष के सदस्य सरकार के खिलाफ नारे बाजी करते हुए वेल में आ गए बाद में वे सभी अपने आसन पर वापस लौट गये। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने 45पृष्ठीय अभिभाषण में सिलसिलेवार सरकार की उपलब्धियों और भावी योजनाओं का भी जिक्र किया।

उन्होने कहा कि सरकार ने कोरोना संकट काल में दृढ़ इच्छा शक्ति परिपक्वता कौशल संवेदन शीलता एवं सामुहिक भावना से कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने में सफलता प्राप्त की जिसकी सराहना पधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी की है। वैश्विक महामारी के दौरान लाकडाउन में चालीस लाख प्रवासी कामगारों श्रमिकों को उनके गंतव्य तक भेजा गया। इसके अलावा राजस्थान के कोटा जनपद में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे बारह हजार छात्र छात्राओं को सकुशल उनके घरों तक भेजा गया। इसके साथ ही उन्होंने अपने अभिभाषण में अयोध्या और वाराणसी में किए गए दीपोत्सव का भी उल्लेख किया। उन्होनंे सरकार सबका साथ सबका विकास के विजन का अनुसरण करते हुए काम कर रही है। उन्होनें कहा कि उत्तर प्रदेश में ईज आफ डुईंग बिजनेस रैकिग में देश में उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर आ गया है। उन्होंने कहा कि जनपद मेरठ से प्रयागराज तक गंगा एक्सप्रेस वे का निर्माण प्रारंभ होने की स्थिति में है। राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था को चुस्त दुरूस्त करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में है। इस दिशा में जीरो टालरेंस की नीति अपनाई गयी है। उन्होने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से 240 लाख किसान प्रभावित हुए। सरकार ने दुग्ध उत्पादन बढाने की दिशा में गोकुल पुरूस्कार एवं गोवंश की गाय से सर्वाधिक दुग्ध उत्पादक को नंदबाबा पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है। प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के पाठयक्रमों एवं परीक्षाओं में एक रूपता लाने के लिए अटल बिहारी बाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय की स्थापना की गयी।

राज्यपाल के अभिभाषण पूरा करने के बाद सदन की कार्यवाही साढे बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी। सदन के व्यवस्थित होते ही नेता प्रतिपक्ष रामगोबिन्द चैधरी ने राज्यपाल के सदन में सात मिनट विलंब से आने पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्यपाल की मंशा नहीं थी कि वे सरकार द्वारा तैयार किया गया अभिभाषण पढंे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आज के राज्यपाल के अभिभाषण को पढ़ा हुआ न माना जाए। उन्होंने मांग की कि राज्यपाल से यह अभिभाषण फिर पढ़ाया जाए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण में गिनाई गयी उपलब्धिया कागजी हैं। सरकार ने अपने अब तक के कार्यकाल में कहीं भी एक स्कूल तक नहीं बनवाया है। जवाब में कैबिनेट मत्री सतीश महाना ने कहा कि प्रदेश में चतुर्दिक विकास हुआ है जो विपक्ष को दिखाई नही दे रहा है। कांग्रेस विधानमण्डल दल के नेता आराधना मिश्रा ने भी राज्यपाल का अभिभाषण फिर से पढाए जाने की मांग की। विपक्ष के सदस्यों द्वारा सरकार पर विकास न कराए जाने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए संसदीय कार्यमंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि विकास कार्य विपक्ष को दिखाई नहीं दे रहा है। प्रदेश की 24 करोड जनता ने जिस भरोसे के साथ भारतीय जनता पार्टी को जिम्मेदारी सौंपी थी उस कसौटी पर सरकार खरी उतरी है। उन्होने विपक्ष के सदस्यों को सलाह दी कि वह संवैधानिक पद पर बैठे राज्यपाल के अभिभाषण पर विश्वास करना सीखें।

आज ही सपा बसपा और कांग्रेस ने विधानसभा की प्रेस दीर्घा में पत्रकारों को प्रवेश न दिए जाने का मामला उठाया। नेता प्रतिपक्ष रामगोबिन्द चैधरी ने कहा कि संविधान के चैथ्ेा स्तंभ को संदन की कार्यवाही से क्यो वंचित किया जा रहा है। जबकि बसपा विधानमंडल दल के नेता लालजी वर्मा ने कहा कि मीडियाकर्मियों के प्रवेश न मिलने से सदन की कार्यवाही से जनता अनभिज्ञ रहती है इससे उसे वंचित नहीं किया जा सकता है। उन्होनें यह भी सुझाव दिया कि कि कुछ चुनिंदा पत्रकारों को ही प्रवेश दे दिया जाए ताकि सदन की कार्यवाही का विधिवत कवरेज हो सके। इसी तरह की मांग कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा ने भी की। विधानसभाध्यक्ष हदय नारायण दीक्षित ने कहा कि सदन की विधिवत कवरेज के लिए कुछ इलेक्टानिक चैनलों को अनुमति दी गयी है। बाकी प्रिंट मीडिया के  प्रतिनिधियों को अवसर दिए जाने का प्रश्न है तो इस बारे में विचार किया जाएगा। आज ही सदन के पटल पर सात अध्यादेश और एक विधेयक रखा गया।

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