
मिल्कीपुर-अयोध्या। बेसिक शिक्षा विभाग परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को भले ही किताब उपलब्ध कराने का दावा कर रहा हो, लेकिन या दावा महज कागजों तक सीमित रह गया है। किताबें बीआरसी केंद्र पर पटी पड़ी है और अफसर बच्चों तक किताब पहुंचाने का दावा कर अपनी पीठ थपथपा रहे हैं।
स्कूलों में बच्चे बिना किताब के ककरहा सीख रहे हैं। मिल्कीपुर बीआरसी कार्यालय पर किताब डंप मिली है। अफसरों की लापरवाही से किताबें बच्चों तक नहीं पहुंच रही है। इस लापरवाही के चलते किताब वितरण को लेकर अफसरों के दावे पर सवाल खड़े हो गए हैं। मिल्कीपुर शिक्षा क्षेत्र में 145 परिषदीय स्कूल व 1 कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय है, सत्र के शुरुआत में ही इन बच्चों को किताब उपलब्ध कराने का नियम है, लेकिन किताबों के टेंडर प्रक्रिया और फिर छपाई में हुई देरी के चलते 4 महीने तक बच्चों को किताबें नहीं मिल पाई।
सितंबर के शुरुआत में आपूर्ति शुरू हुई तो यह उम्मीद जगी थी की आधे सत्र के पहले बच्चों को किताबें मुहैया करा दी जाएगी। शासन स्तर से किताब आवंटित होने के बाद जिला मुख्यालय भेजी गई वहां से ब्लॉक बी आर सी कार्यालय भेजी गई स्कूलों तक किताब पहुंचाने की जिम्मेदारी खंड शिक्षा अधिकारियों को सौंपी गई थी। लेकिन अफसरों की लापरवाही के चलते यह किताबें बीआरसी कार्यालय पहुंचकर डंप हो गई है। खंड शिक्षा अधिकारियों की लापरवाही के चलते किताबें स्कूलों तक नहीं पहुंची। डंप पड़ी किताबों के बारे में जब वहां मौजूद कर्मचारियों से पूछा गया तो पहले तो कुछ बताना ही ठीक नहीं समझा बाद में बताया कि इन किताबों को जिला मुख्यालय भेजा जाना है इसीलिए यहां रखी हुई है। वही कई अध्यापकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अभी सभी किताबें विद्यालयों में उपलब्ध नहीं है किताबी आ जा रही है। वही जब खंड शिक्षा अधिकारी मिल्कीपुर इंदिरा देवी को फोन किया गया तो वह फोन उठाया और जैसे ही किताबों के संबंध में जानकारी चाही गई उन्होंने तुरंत फोन काट दिया।