
पुरवा-उन्नाव : इस बढ़ती बेरोजगारी और लाचारी के दौर में एक से एक पढ़े-लिखे युवा, नौजवान अपना जीवन यापन करने के लिए मानक विहीन प्राइवेट संस्थानों की कठपुतली बनकर कार्य करने पर मजबूर हैं। जिसका ताजा उदाहरण पुरवा कस्बे में देखने को मिला है। जहाँ उन्नत हॉस्पिटल एण्ड ट्रॉमा सेंटर के नाम से एक निजी अस्पताल संचालित है। उक्त हॉस्पिटल में राकेश यादव अपनी पत्नी के साथ बतौर स्टाफ नर्स कार्यरत हैं जो कि बैजनाथपुर कला, जिला महराजगंज के निवासी हैं। राकेश के मुताबिक उन्हें 7500 रुपये प्रति माह की सैलरी पर नियुक्त किया गया था,लगातार कार्यरत हैं। जिस पर स्टाफ नर्स के आरोप हैं कि कल रविवार को हॉस्पिटल संचालक राज बहादुर चौरसिया से रक्षाबंधन त्योहार पर छुट्टी मांगी तो उन्होंने छुट्टी देने के बजाए हॉस्पिटल से निकालने व हिसाब करने की धमकी दे डाली।
जब मैंने अपनी ड्यूटी का लेखा-जोखा करके सैलरी मांगी तो हॉस्पिटल संचालक राज बहादुर चौरसिया ने सैलरी नहीं दी और कहा कि तुम्हें जो करना हो कर लो। जिसको लेकर पीड़ित राकेश यादव ने पुरवा कोतवाली में लिखित शिकायती पत्र देकर अपनी मेहनत से कमाई गई तनख्वाह दिलाए जाने की गुहार लगाई है अब देखना होगा कि क्या इस मानक विहीन ट्रॉमा सेंटर संचालक से पीड़ित स्टाफ नर्स को सैलरी दिलाई जाएगी या फिर अपनी मेहनत की कमाई के लिए दर-बदर भटकते फिरेंगे।