
बाराबंकी : एआईएमआईएम के सदर असदुद्दीन ओवैसी के कार्यक्रम मे राष्ट्रीय ध्वज के अपमान की खबर प्रकाशित होने के बाद मामले का संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन ने ओवैसी और कार्यक्रम आयोजको के खिलाफ पूर्व में दर्ज मुकदमे में राष्ट्रीय ध्वज के अपमान की धाराओं को भी शामिल कर लिया है। जिसके बाद अब ओवैसी और उनके कार्यक्रम के आयोजकों की मुश्किलें कम होती नही दिख रही है। गौरतलब है कि बीते 9 सितम्बर को बाराबंकी के कटरा इलाके में अपने कार्यक्रम के दौरान एआईएमआईएम के सदर असदुद्दीन ओवैसी ने पीएम मोदी और सीएम योगी पर जमकर तंज़ किये थे।
ओवैसी ने सीएम योगी के इशारे पर बाराबंकी के रामसनेहीघाट इलाके में 100 साल पुरानी मस्जिद को तोड़ने का आरोप भी जिला प्रशासन पर लगाया था। जिसके बाद बीजेपी विधायक की शिकायत पर 9 सितम्बर को ही एआईएमआईएम के सदर असुद्दीन ओवैसी के खिलाफ नगर कोतवाली में साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने व महामारी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। बताते चले कि कार्यक्रम के दौरान मंच के ठीक सामने खम्बे पर राष्ट्रीय ध्वज को लपेटा गया था। जो कि राष्ट्रीय ध्वज के अपमान की श्रेणी में आता है, लेकिन ओवैसी इसे नजरअंदाज कर भाषण देने में जुटे रहे थे।
राष्ट्रीय ध्वज के अपमान किया। जिसके बाद हरकत में आये प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेकर ओवेसी और उनके कार्यक्रम के आयोजकों के खिलाफ पूर्व में दर्ज मुकदमे की विवेचना में राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम 1971 की धारा 2 की बढ़ोतरी कर दी है। बाक्स 3 साल की सज़ा और जुर्माने का है प्राविधान राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम 1971 की धारा 2 के तहत राष्ट्रीय ध्वज के अपमान पर 3 वर्ष की सजा या जुर्माने का प्रावधान है। या फिर सजा या जुर्माना दोनों ही हो सकते हैं।