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पद की गरिमा को कलंकित कर रही, लेखाधिकारी!

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चर्चा का विषय बनी जिला निरीक्षक कार्यालय की कार्यवाहक लेखाधिकारी।

रायबरेली :  हमें तो अपनों ने लूटा गैरों में कहां दम था, मेरा वेतन जब रोका, मैं कोरोना से ग्रसित था।
यह पंक्तियां जिला विद्यालय निरीक्षक पर सटीक बैठती हैं।
जी हां! जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में तैनात कार्यवाहक लेखाधिकारी सीमा पाण्डेय ने अपने उच्च अधिकारी जिला विद्यालय निरीक्षक का ही वेतन रोक या। वही कोविड-19 से जिला विद्यालय निरीक्षक ग्रसित है। और अपने ही घर पर क्वारीनटाइन किये गए है। ऐसे वक्त पर कार्यवाहक लेखाधिकारी ने वेतन भी रोक दिया। ऐसी विषम परिस्थितियों में जब उनकोवेतन की सख्त जरूरत है। आखिरकार उनके परिवार की रोजी-रोटी कैसे चलेगी। जब शासनादेश यह है कि किसी भी कोरोना पीड़ित का वेतन नही रोका जाएगा। लेकिन सरकार के ऊपर समझने वाली मनबढ़ कार्यवाहक लेखाधिकारी सीमा पाण्डेय ने जिला विद्यालय निरीक्षक का वेतन रोकने पर विभाग में हड़कंप मच गया। कार्यवाहक लेखाधिकारी सरकार की साख को मटिया मेट करने में लगी हुई है।

कार्यालय में चर्चा यह है कि जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में 16 महीने से रिक्त चल रहे लेखाधिकारी के पद को स्थायी रूप से तैनाती को लेकर उच्च अधिकारियों को पत्र प्रेषित किया था। उन्होंने पत्र में यह भी लिखा कि कार्यवाहक लेखाधिकारी के पास बेसिक शिक्षा व कई अन्य जगहों का चार्ज होने के कारण कार्यालय का कार्य प्रभावित रहता है। इसी बात की खुन्नस को निकालने के लिए कार्यवाहक सीमा पाण्डेय ने अपने उच्च अधिकारी जिला विद्यालय निरीक्षक का वेतन रोक दिया। यह एक पहला मामला नही है, इसके पहले भी कार्यवाहक लेखाधिकारी पर आरोप लगाया गया कि वासी नकवी नेशनल इंटर कॉलेज में कार्यवाहक के रूप में तैनात प्रधानाचार्य प्रदीप कुमार को अनैतिक रूप से नियम विरुद्ध वेतन दिए जाने का प्रयास किया जा रहा है। जिसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से किया गया था। शहर में चर्चा है कि एक नेता की सह पर सरकार विरोधी गतिविधियों पर काम कर रही हैं। वही जब जिला विद्यालय निरीक्षक सेे बात करने का प्रयास किया गया। लेकिन बात नही हो सकी

वही कार्यवाहक के रूप में रजनीश तिवारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि सब उच्च अधिकारियों का मामला है हम कुछ नही कह सकते है।

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