
बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में व्याख्यान कक्ष परिसर की आधारशिला रखी गई
लखनऊ: बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में आज एक ऐतिहासिक दिन रहा जब विश्वविद्यालय परिसर में नए व्याख्यान कक्ष परिसर की आधारशिला रखी गई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना और विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल उपस्थित रहे। कार्यक्रम में केंद्र लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता इंजीनियर हिमांशु पाण्डेय और विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अश्विनी कुमार सिंह भी मौजूद थे।शिलान्यास समारोह की शुरुआत पवित्र मंत्रोच्चारण और हवन-पूजन के साथ हुई। इसके बाद मुख्य अतिथि एवं कुलपति द्वारा व्याख्यान कक्ष परिसर की आधारशिला रखी गई। कार्यक्रम में बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई और शिलान्यास समारोह के पत्थर का लोकार्पण भी संपन्न हुआ। मंच संचालन का कार्य डॉ. लता बाजपेयी सिंह ने किया।मुख्य अतिथि सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि यह नया व्याख्यान कक्ष विद्यार्थियों के शैक्षणिक, बौद्धिक और व्यावसायिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने शिक्षा को राष्ट्र और व्यक्ति की प्रगति का आधार बताते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में शिक्षा के साथ मानवीय मूल्यों और इंसानियत का होना भी अनिवार्य है। श्री खन्ना ने सभी अध्यापकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों को विश्वविद्यालय की प्रगति में योगदान देने की प्रेरणा दी।कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने व्याख्यान कक्ष परिसर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह भवन न केवल शैक्षणिक गतिविधियों को सशक्त बनाएगा, बल्कि विश्वविद्यालय के समग्र विकास की गति को भी तीव्र करेगा। उन्होंने बीबीएयू की NAAC मूल्यांकन में A++ रैंक और NIRF रैंकिंग में उल्लेखनीय स्थान, शिक्षकों का वैश्विक वैज्ञानिक सूची में शामिल होना तथा शोध और नवाचार के क्षेत्र में उपलब्धियों का जिक्र किया। प्रो. मित्तल ने बताया कि यह परिसर विद्यार्थियों और शोधार्थियों को स्टार्टअप, उद्यमिता और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ जैसी पहलों को प्रोत्साहित करने में सहायक होगा।केंद्र लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता इंजीनियर हिमांशु पाण्डेय ने जानकारी दी कि प्रस्तावित व्याख्यान कक्ष परिसर तीन तल का होगा, जिसमें प्रत्येक तल पर चार क्लासरूम और आठ फैकल्टी कक्ष होंगे। भवन में दिव्यांगजनों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएँ होंगी, साथ ही ग्रीन फीचर्स और भूकंपरोधी तकनीक का उपयोग किया जाएगा। भवन में दो लिफ्ट भी स्थापित की जाएँगी और इसकी बाहरी संरचना आधुनिक शैली और ऊर्जा-कुशल होगी।अंत में विश्वविद्यालय कुलसचिव डॉ. अश्विनी कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। शिलान्यास कार्यक्रम में विभिन्न संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण, अधिकारीगण और शोधार्थी उपस्थित रहे।यह व्याख्यान कक्ष परिसर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रगति और नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा और आने वाले समय में इसे विद्यार्थियों के लिए अध्ययन और शोध का एक सशक्त केंद्र बनाया जाएगा।
