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अन्नदाता के हाथ खाली फसल में नहीं आए दाने

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कन्नौज। अन्नदाता खेतों में दिन रात मेहनत मजदूरी कर अपना और अपने परिवार का भरण पोषण करने के लिए खेती करता है। खेतों में फसल  वोकर फसल की कटाई तक का इंतजार कर हजारों रुपए की लागत लगाकर उसकी परवरिश करता है। जब फसल तैयार होती है तो अन्नदाता बड़ा ही खुश दिखाई देता है। जनपद कन्नौज के नादेमउ चौकी क्षेत्र के मलिकपुर गांव मे किसान महेंद्र सिंह ने अपने करीब 7 बीघा खेत मे मक्का की फसल 10 मई को  वोई थी। गांव की ही बीज भंडार दुकान से  डीकाऊव 9144 बीज लाकर  खेतों में बीज बोया था। धीरे-धीरे फसल बढ़कर तैयार हो गई। गांव के ही  रामपाल ने मेहनत मजदूरी कर फसल की परवरिश की। कल दोपहर जाकर देखा तो मक्का की फसल में दाने नहीं थे। चारों ओर खेत में जाकर देखा तो किसी भी मक्का के दाने ना दिखाई देने पर किसान उदास हो गया वहीं इतने जानकारी गांव के ही खाद बीज भंडार के दुकानदार को दी। वहीं कंपनी के आशुतोष कुमार ने आकर फसल का मुआयना किया। अधिक तापमान होने की बात कहकर चले गए। अन्नदाता हजारों रुपए की लागत लगाकर फसल को तैयार करता है। उत्तम किसके बीच ना होने पर किसान की फसल हजारों रुपए की लागत लगाने के बाद जीरो दिखाई देती है। वही किसान ने फसल को देखकर मुआवजे की मांग उठाई है।
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