diwali horizontal

जातीय जनगणना की राह हुई साफ, अनुप्रिया पटेल ने बताया सामाजिक न्याय की दिशा में क्रांतिकारी फैसला

0 47

जातीय जनगणना की राह हुई साफ, अनुप्रिया पटेल ने बताया सामाजिक न्याय की दिशा में क्रांतिकारी फैसला

नई दिल्ली,लखनऊ: देश में जातीय जनगणना की लंबे समय से चली आ रही मांग अब हकीकत बनने की दिशा में बढ़ चुकी है। केंद्र सरकार ने जनगणना अधिसूचना जारी कर दी है, जिसके साथ ही स्वतंत्र भारत में पहली बार जातीय जनगणना का रास्ता भी साफ हो गया है। केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने इस निर्णय को सामाजिक न्याय के क्षेत्र में ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम बताया है।अनुप्रिया पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने सामाजिक न्याय को केवल नारेबाज़ी तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे जमीनी स्तर पर लागू किया है। उन्होंने कहा कि आज का दिन अपना दल संस्थापक बोधिसत्व डॉ. सोनेलाल पटेल के अधूरे स्वप्न की पूर्ति का दिन है। डॉ. पटेल ने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में जातीय जनगणना के लिए संघर्ष किया था। आज का यह फैसला उनके विचारों से प्रेरित हम सबके लिए अपार संतोष का अवसर है।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एनडीए सरकार ने पहले भी वंचित वर्गों के लिए कई निर्णायक पहल की हैं, जिनमें ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देना, मेडिकल शिक्षा में ओबीसी आरक्षण लागू करना, नवोदय, सैनिक और केंद्रीय विद्यालयों में प्रवेश में आरक्षण सुनिश्चित करना, विश्वविद्यालयों के 13 प्वाइंट रोस्टर विवाद का समाधान करना और गरीब कल्याण योजनाओं का लाभ वंचित समाज तक पहुँचाना शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह सरकार केवल राजनीति नहीं करती, बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण के प्रति समर्पित भाव से कार्य करती है।अनुप्रिया पटेल ने इस निर्णय को “नीतिगत संकल्प” और “सामाजिक जिम्मेदारी” का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि अब यह केवल आंकड़ों की गिनती नहीं, बल्कि सामाजिक समावेशन और समान भागीदारी की नींव बनेगी। एनडीए सरकार ने यह साबित कर दिया है कि वह सामाजिक न्याय को लेकर केवल बात नहीं करती, बल्कि निर्णायक कार्रवाई करती है।

       

Leave A Reply

Your email address will not be published.