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प्रधानमंत्री ने 42,000 करोड़ से अधिक की कृषि योजनाओं का किया शुभारंभ, उत्तर प्रदेश के किसानों को मिला सम्मान

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प्रधानमंत्री ने 42,000 करोड़ से अधिक की कृषि योजनाओं का किया शुभारंभ, उत्तर प्रदेश के किसानों को मिला सम्मान

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नई दिल्ली से 42,000 करोड़ रुपए से अधिक की कृषि परियोजनाओं का शुभारंभ किया, जिसमें प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (पीएमडीडीकेवाई), दलहन आत्मनिर्भरता मिशन और राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन शामिल हैं। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जे. पी. एस. राठौर वर्चुअली उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री ने देशभर के 10,000 एफपीओ से जुड़े 50 लाख किसानों को सम्मानित किया, जिनमें से 1,100 “करोड़पति एफपीओ” का वार्षिक कारोबार 1 करोड़ रुपए से अधिक है। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन के तहत 50,000 से अधिक किसानों का सफल प्रमाणीकरण भी किया गया।उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने राज्य स्तरीय कार्यक्रम में लखनऊ के 15 किसानों को सम्मानित किया और मिनीकिट तिलहन, फसल बीमा योजना लाभार्थी किसानों व जैविक खेती करने वाले 5 किसानों को प्रमाणपत्र प्रदान किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश 2047 तक दाल एवं तेल में आत्मनिर्भर बनने की रणनीति तैयार कर चुका है।प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत उत्तर प्रदेश के 12 जनपदों को चयनित किया गया है। योजना का उद्देश्य कृषि उत्पादकता बढ़ाना, सतत कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करना, भंडारण और सिंचाई सुविधाओं में सुधार तथा लघु और मध्यम किसानों को ऋण सुविधा उपलब्ध कराना है।राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के अंतर्गत 75 जनपदों और 318 विकास खंडों में 1,886 क्लस्टरों के माध्यम से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। अब तक 2.35 लाख किसान, 3,772 कृषि सखी/सीआरपी और 75 बायो रिसोर्स इनपुट सेंटर इस मिशन से जुड़े हैं। मिशन में जागरूकता कार्यक्रम, प्रशिक्षण, डीबीटी प्रोत्साहन, साहित्य किट वितरण और प्राकृतिक प्रमाणीकरण जैसी गतिविधियाँ शामिल हैं।दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के अंतर्गत अरहर, उर्द, मसूर, चना, मटर और मूंग की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए क्लस्टर आधारित कार्ययोजना तैयार की गई है। इस मिशन से किसानों की आय बढ़ेगी, सिंचाई, भंडारण और ऋण सुविधा में सुधार होगा और देश दाल उत्पादन में आत्मनिर्भर बनेगा।सहकारिता राज्य मंत्री जे. पी. एस. राठौर ने कहा कि प्रदेश में यूरिया, डीएपी और एमएसपी उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। रबी फसलों के लिए सभी आवश्यक उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। राज्य में 457 नई प्राथमिक कृषि साख समितियों का गठन किया गया है, कुल 1,864 डेयरी सहकारी समितियाँ सक्रिय हैं, 58 मत्स्य सहकारी समितियाँ नई गठित की गई हैं और 1,242 प्रधानमंत्री किसान सेवा केंद्र जुड़ गए हैं।कृषि निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी ने मंडलीय गोष्ठी में दलहन मिशन एवं धन-धान्य कृषि योजना के सफल क्रियान्वयन का आश्वासन दिया। इस अवसर पर विधायक राम चंद्र यादव, पूर्व विधायक सत्य प्रकाश मणि त्रिपाठी, प्रमुख सचिव कृषि रवींद्र, प्रमुख सचिव सहकारिता सौरभ बाबू, आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता योगेश कुमार, सचिव सिंचाई नवीन कुमार, सचिव कृषि इन्द्र विक्रम सिंह सहित कई अधिकारी और किसान उपस्थित रहे।

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