





जुलूस के मार्ग पर सुरक्षा के मददे नज़र पुलिस का सख्त पहरा हुआ करता था लेकिन इस बार कोरोना वायरस की वजह से न तो जुलूस ही निकाला गया और न ही जुलूस से पहले इमामबाड़े मे आयोजित की जाने वाली मजलिस हुई हुई। पिछली बार पहली मोहर्रम को जो सड़क अज़ादारो की भीड़ से भरी रहती थी वो सड़क आज पूरी तरह से सूनी पड़ी रही पहली मोहर्रम को जुलूस न निकलने का दर्द अज़ादारो के चेहरे पर साफ देखा गया।


