
आरडीकेपी इंटर कॉलेज, मॉल में गूंजा “मिशन शक्ति” का नारा — छात्राओं को महिला और साइबर अपराधों के प्रति किया गया जागरूक
आरडीकेपी इंटर कॉलेज, मॉल में गूंजा “मिशन शक्ति” का नारा — छात्राओं को महिला और साइबर अपराधों के प्रति किया गया जागरूक
लखनऊ: लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट द्वारा चलाए जा रहे मिशन शक्ति 5.0 अभियान के अंतर्गत शनिवार को थाना माल की पुलिस टीम ने आरडीकेपी इंटर कॉलेज, कस्बा मॉल में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राओं ने भाग लिया और महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव तथा कानूनी सहायता के विभिन्न माध्यमों की जानकारी प्राप्त की।कार्यक्रम का संचालन महिला उप निरीक्षक खुशबू यादव, थाना माल द्वारा किया गया, जिनके साथ महिला हेड कांस्टेबल अनुराधा सिंह, कांस्टेबल संजीव कुमार एवं अन्य महिला बीट अधिकारियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के आयोजन में कॉलेज के प्रबंधक प्रमोद तिवारी का विशेष सहयोग रहा।इस अवसर पर छात्राओं को महिला अपराधों की रोकथाम, साइबर अपराधों के प्रकार, उनके प्रति सजग रहने के उपाय तथा साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल और यूपी-कोप ऐप के उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें बताया गया कि डिजिटल युग में अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करते समय सावधानी बरतना कितना आवश्यक है।छात्राओं को विभिन्न सरकारी हेल्पलाइन नंबरों — 1090 (महिला पावर लाइन), 112 (आपातकालीन सेवा), 108 (एम्बुलेंस), 1098 (चाइल्डलाइन) तथा 1076 (मुख्यमंत्री हेल्पलाइन) के बारे में भी विस्तार से अवगत कराया गया। पुलिस टीम ने छात्राओं को यह संदेश दिया कि किसी भी आपात स्थिति में वे बिना झिझक इन नंबरों पर संपर्क करें, क्योंकि पुलिस हमेशा नागरिकों की सहायता के लिए तत्पर है।कार्यक्रम में लगभग 60 छात्राओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया और इसे अत्यंत उपयोगी बताया। छात्राओं ने कहा कि इस तरह के सत्रों से न केवल उन्हें आत्मरक्षा के उपायों की जानकारी मिलती है बल्कि साइबर अपराधों से बचने की समझ भी विकसित होती है।पुलिस आयुक्त अमरेन्द्र कुमार सेंगर के निर्देशन में लखनऊ कमिश्नरेट में 54 थानों पर “मिशन शक्ति केंद्र” स्थापित किए गए हैं, जहां निरीक्षक, उपनिरीक्षक और महिला पुलिसकर्मियों की टीम महिलाओं की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए लगातार सक्रिय है।आरडीकेपी इंटर कॉलेज में आयोजित यह कार्यक्रम “मिशन शक्ति” अभियान के उद्देश्यों को सार्थक करता दिखाई दिया। यह पहल न केवल छात्राओं को जागरूक बना रही है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और सजग नागरिक बनने के लिए प्रेरित भी कर रही है। इस तरह के आयोजन महिला सशक्तिकरण और सुरक्षित समाज निर्माण की दिशा में एक सशक्त कदम हैं, जिनकी निरंतरता समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक सिद्ध होगी।