
बाराबंकी : रासायनिक खादों से होने वाले कुप्रभावों को लेकर किसान अब सजग हो रहे हैं और उनका रुझान तेजी से जैविक खेती की ओर बढ़ रहा है जिसका खुलासा नगर के हैदर गढ़ रोड स्थित लान में आयोजित एक दिनी जैविक खेती पाठशाला में हुआ है । बीओफिट संस्था द्वारा जिले के प्रमुख उर्वरक व्यवसायी अनुपम अग्रवाल की अध्यक्षता और मो कासिम अंसारी के संचालन में आयोजित जैविक खेती पाठशाला में जिले के लगभग तीन दर्जन से अधिक चुनिंदा युवा किसानों ने प्रतिभाग किया ।
जैविक कृषि विशेषज्ञ फ़रहान अमीन सिद्दीकी ने रासायनिक खादों और कीटनाशक से होने वाले नुकसानों को पर चर्चा करते हुए जैविक खेती के द्वारा लागत कम करके उत्पादन बढ़ाने के गुर सिखाए गये । उन्होंने किसानों को जैविक खेती के द्वारा अपनी आय बढ़ाने व गांव से नौजवानों के पलायन रोकने साथ उनको जैविक खेती से संबंधित व्यवसाय की जानकारी दी गई। पाठशाला में जैविक खेती के गुर डॉ शैलेश सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा कि,किसानों को जैविक खेती के द्वारा आत्मनिर्भर बनाने का फार्मूला बताया । जैविक कृषि पाठशाला में रविकांत गुप्ता ने भी अपने विचार व्यक्त किये । इस मौके पर हरिप्रसाद वर्मा ,राम विलास अटवा ,अब्दुल ख़ालिक़ प्रमुख रूप से उपस्थित रहे ।