
उरई (जालौन) यमुना नदी का जलस्तर कालपी में धीमे धीमे गिरावट की ओर है। सोमवार को जलस्तर 102.50 मीटर में पहुंच गया है। बिभागीय सूत्रों के अनुसार मंगलवार की रात से यमुना नदी का जलस्तर फिर से उफनाने का सिलसिला शुरू हो जायेगा केंद्रीय जल आयोग कार्यालय कालपी के प्रभारी अधिकारी रूपेश कुमार ने बताया कि पिछले दिनों राजस्थान के कोटा बैराज से पानी छोड़ने के कारण चम्बल नदी से पानी यमुना नदी में पहुंच रहा है। फलस्वरूप यमुना नदी का जलस्तर 107.27 मीटर पर पहुंच गया था। जो खतरे के लाल निशान से मात्र 73 सेमी छूने को रह गया था। उन्होंने बताया कि शनिवार से 10 सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से यमुना नदी के जलस्तर में गिरावट हो रही है। फलस्वरूप सोमवार को जलस्तर घट कर 102.50 मीटर पहुंच गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बरसात तथा बैराज से पानी छोड़ने के कारण जलस्तर बढ़ने की सम्भावना है। कालपी में यमुना नदी का खतरे का लाल निशान 108 मीटर में है।
आगामी मंगलवार को यमुना नदी के उफनाने को दृष्टिगत रखते हुए बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
प्रशासन के तटवर्ती इलाकों में पुख्ता इंतजाम
मंगलवार की रात से यमुना नदी के जलस्तर बढ़ने को दृष्टिगत रखते हुए कालपी के पुलिस, प्रशासन तथा राजस्व विभाग के अधिकारी कर्मचारी एलर्ट है।
बाढ़ के सम्भावित खतरे को ध्यान में रखते हुए प्रशासन तथा राजस्व विभाग तटवर्ती इलाकों में आधा दर्जन से अधिक बाढ़ राहत चौकियों को सक्रिय किया गया है। रविवार तथा सोमवार को लगातार बारिश होने की वजह से नागरिकों को कमजोर तथा कच्चे घरों में न रहने की सलाह दी गई है