
ट्रम्प पड़ा अकेला, अमरीकी सेना में भगदड़?
IRAN-US WAR:मिडिल ईस्ट में चल रही जंग अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है, जहां हालात तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं। एक तरफ अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई जारी है, तो दूसरी तरफ ईरान लगातार जवाबी हमले कर रहा है—और अब इन हमलों ने पूरे क्षेत्र में डर और अस्थिरता बढ़ा दी है।

ताजा जानकारी के मुताबिक, ईरान ने मिसाइल और ड्रोन हमलों की तीव्रता काफी बढ़ा दी है। इन हमलों का असर सिर्फ सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कई अहम इलाकों को भी निशाना बनाया गया है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि ईरान के पास अभी भी बड़ी संख्या में मिसाइल क्षमता मौजूद है और वह लगातार जवाब देने की स्थिति में है।
सबसे ज्यादा चर्चा जिस बात की हो रही है, वह है इजरायल का एयर डिफेंस सिस्टम—आयरन डोम। लंबे समय से इसे दुनिया के सबसे मजबूत रक्षा कवच के तौर पर देखा जाता रहा है। लेकिन हाल के हमलों में कुछ ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां ईरानी मिसाइलें इस सिस्टम को चकमा देने में सफल रही हैं। कुछ मिसाइलें सीधे संवेदनशील इलाकों तक पहुंच गईं, जिससे लोगों के बीच डर का माहौल बन गया।
हालांकि यह भी सच है कि आयरन डोम ने बड़ी संख्या में मिसाइलों को हवा में ही नष्ट किया है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि जब एक साथ बड़ी संख्या में मिसाइलें दागी जाती हैं, तो किसी भी डिफेंस सिस्टम पर दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में कुछ मिसाइलों का बच निकलना संभव हो जाता है।

अब बात करते हैं अमेरिका की। इस युद्ध में अमेरिका की सीधी भूमिका ने हालात को और जटिल बना दिया है। अमेरिकी सेना लगातार हमले कर रही है, लेकिन दूसरी तरफ उन्हें भी नुकसान झेलना पड़ा है। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान ने अमेरिकी फाइटर जेट को मार गिराने का भी दावा किया है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।
इसी बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के बयान भी सुर्खियों में हैं। उन्होंने कहा है कि यह युद्ध अपने अंतिम चरण में पहुंच सकता है, लेकिन जमीनी हालात इसके उलट दिखाई दे रहे हैं। हमले जारी हैं, जवाबी कार्रवाई हो रही है और किसी भी तरफ से पूरी तरह शांति के संकेत नहीं मिल रहे।
अब सवाल उठता है—क्या अमेरिका इस लड़ाई में अकेला पड़ता जा रहा है? दरअसल, कई देश इस युद्ध को लेकर चिंता जता चुके हैं और खुलकर समर्थन देने से बच रहे हैं। इससे अमेरिका की स्थिति थोड़ी मुश्किल जरूर दिख रही है, लेकिन यह कहना कि वह पूरी तरह अकेला है—अभी जल्दबाजी होगी।
जमीनी हालात की बात करें तो इजरायल के कई शहरों में सायरन बज रहे हैं, लोग बंकरों में शरण ले रहे हैं और डर का माहौल बना हुआ है। वहीं ईरान भी लगातार चेतावनी दे रहा है कि अगर उस पर और हमले हुए, तो वह और भी बड़ा जवाब देगा।
तो दोस्तों, कुल मिलाकर स्थिति बेहद गंभीर है। आयरन डोम पूरी तरह फेल नहीं हुआ है, लेकिन उस पर दबाव जरूर बढ़ा है। अमेरिका और इजरायल की ताकत के बावजूद ईरान लगातार जवाब दे रहा है, जिससे यह युद्ध लंबा खिंच सकता है। आने वाले दिनों में यह तय होगा कि हालात शांत होते हैं या फिर यह संघर्ष और बड़े स्तर पर फैलता है।