
उलेमा-ए-इकराम का अखिलेश यादव को समर्थन, 2027 में भाजपा को सत्ता से बाहर करने का संकल्प
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मंगलवार को पार्टी मुख्यालय पर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए उलेमा-ए-इकराम के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। इस दौरान उलेमा-ए-इकराम ने अखिलेश यादव के दोबारा मुख्यमंत्री बनने की दुआ करते हुए उनके प्रति एकजुटता व्यक्त की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि अखिलेश यादव नेताजी मुलायम सिंह यादव के नक्शेकदम पर चल रहे हैं और समाजवादी पार्टी के साथ हम पूरी मजबूती से खड़े हैं।अखिलेश यादव ने उलेमा-ए-इकराम का आभार जताते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी का जनता से भावनात्मक रिश्ता है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में अन्याय और अत्याचार चरम पर हैं। निर्दोष लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाया जा रहा है, मॉब लिंचिंग की घटनाओं में हत्याएं हो रही हैं और पुलिस हिरासत में मौतें आम हो गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपने राजनीतिक फायदे के लिए पुलिस और प्रशासन का दुरुपयोग कर रही है, जबकि भ्रष्टाचार, लूट और बेईमानी चरम पर है। किसानों, नौजवानों और छात्रों समेत किसी वर्ग की सुनवाई नहीं हो रही है और बुनकरों का कारोबार पूरी तरह चौपट हो गया है।न्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को कमजोर करने में समाजवादी पार्टी की अहम भूमिका रही और 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी भाजपा को सत्ता से बाहर कर देगी। अखिलेश यादव ने दावा किया कि समाजवादी सरकार बनने पर सामाजिक न्याय का राज स्थापित होगा, पीडीए की नीति पर चलकर सबके कल्याण और विकास का मार्ग प्रशस्त होगा और सबको इंसाफ मिलेगा।अखिलेश यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं को आगाह करते हुए कहा कि भाजपा चुनावों में हर स्तर पर बेईमानी करती है और साम्प्रदायिक राजनीति करती है। इसलिए कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर सजग रहना होगा। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी बढ़ गई है—वोट बनवाना, वोट बचाना, वोट पड़वाना और वोट गिनवाना।भाजपा की विदेश नीति पर भी सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। चीन भारत का दोस्त नहीं हो सकता, लेकिन भाजपा सरकार चीन पर निर्भर होकर देश के व्यापार और कारोबार को नुकसान पहुँचा रही है।इस अवसर पर समाजवादी अल्पसंख्यक सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना इकबाल कादरी, प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद शकील नदवी सहित मौलाना आरिफ, राव कारी सलीम देवबंद, मौलाना अब्दुल हलीम, मौलाना अशरफ, मौलाना इकबाल, मौलाना सुफियान, मौलाना शमशाद, मौलाना उमैर, मुफ्ती मोहम्मद मुदस्सिर, बहरोज़ आलम, कारी मोहम्मद असगर, कारी अफजाल, सूफी मुकीम जगेता, कारी जुनैद, कारी सईद अहमद, मुफ्ती साबिर, मुफ्ती अतहर, हाजी अय्यूब, मौलाना हारुन, मौलाना रेहान, मुफ्ती जुल्फिकार, मौलाना आकिल, मौलाना रिजवान, मुफ्ती नुवेद, कारी सुएब, कारी नईम, कारी इमरान, मौलाना फरमान, मौलाना आलिशान आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।कार्यक्रम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरनमय नंदा, राष्ट्रीय सचिव राजेन्द्र चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल तथा तेजंदर विर्क की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही।
