
मिशन शक्ति 5.0 के तहत थाना बिजनौर में महिला और बाल सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
लखनऊ: पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के मिशन शक्ति 5.0 अभियान के अंतर्गत थाना बिजनौर पुलिस टीम ने आज, 26 अक्टूबर 2025 को थाना क्षेत्र ग्राम माती में एक विशेष महिला और बाल सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना, उन्हें सुरक्षित और सशक्त समाज में अपनी भूमिका का एहसास कराना और कानूनी जागरूकता बढ़ाना है।इस कार्यक्रम में लगभग 60 से 70 महिलाएं और बच्चे शामिल हुए। पुलिस अधिकारियों ने उपस्थित महिलाओं को बताया कि कौन से आचरण और व्यवहार अपराध की श्रेणी में आते हैं और ऐसे मामलों में कानून किस प्रकार उनकी मदद करता है। साथ ही साइबर सुरक्षा जागरूकता पर भी विशेष जोर दिया गया और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के उपाय समझाए गए। महिलाओं को चेताया गया कि ओटीपी या व्यक्तिगत जानकारी किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा न करें और ऑनलाइन लेन-देन में सतर्क रहें।कार्यक्रम में महिलाओं को विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों — 1076, 1090, 112, 181, 1930, 102, 108 — के बारे में जानकारी दी गई ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत सहायता प्राप्त की जा सके। इसके साथ ही थाना स्तर पर संचालित महिला सुरक्षा केंद्र, महिला हेल्प डेस्क और मिशन शक्ति केंद्र की सेवाओं के बारे में विस्तार से बताया गया। महिलाओं को इन केंद्रों से परामर्श और त्वरित सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं और बच्चों को गुड टच–बैड टच, पॉक्सो एक्ट और महिला उत्पीड़न से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी भी दी गई। यह सुनिश्चित किया गया कि महिलाएं अपने अधिकारों, सुरक्षा उपायों और कानूनी सहायता के संसाधनों के प्रति पूरी तरह जागरूक हों।थाना बिजनौर की महिला उपनिरीक्षक सौम्या मिश्रा, उपनिरीक्षक रामराज सिंह, महिला आरक्षी भावना और आकांक्षा अवस्थी तथा अन्य महिला बीट अधिकारी और एंटी-रोमियो टीम ने कार्यक्रम का संचालन किया।मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत लखनऊ में 54 थानों पर मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं, जहां महिलाओं की शिकायतों और समस्याओं का त्वरित निस्तारण किया जाता है। इस कार्यक्रम ने महिलाओं में आत्मविश्वास, जागरूकता और समाज में अपनी भूमिका के प्रति सजगता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।इस पहल के माध्यम से महिला सशक्तिकरण और सुरक्षित समाज के निर्माण की दिशा में एक ठोस कदम बढ़ाया गया है, जिससे महिलाओं में न्याय और आत्मरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी है।
