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अलीगंज में मिशन शक्ति 5.0 के तहत छात्राओं को सुरक्षा, आत्मरक्षा और साइबर जागरूकता का पाठ — लखनऊ पुलिस ने बताया हेल्पलाइन नंबरों का महत्व और यूपी-कॉप ऐप की उपयोगिता

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अलीगंज में मिशन शक्ति 5.0 के तहत छात्राओं को सुरक्षा, आत्मरक्षा और साइबर जागरूकता का पाठ — लखनऊ पुलिस ने बताया हेल्पलाइन नंबरों का महत्व और यूपी-कॉप ऐप की उपयोगिता

लखनऊ: महिला सुरक्षा, सशक्तिकरण और साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट द्वारा मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत निरंतर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में गुरुवार को थाना अलीगंज की टीम ने वंदना मांटेसरी हायर सेकेंडरी स्कूल, नीरा में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा और महिला सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।इस जागरूकता कार्यक्रम में महिला उपनिरीक्षक प्रगति सिंह, महिला उपनिरीक्षक आशी गुप्ता और महिला आरक्षी दुर्गेश वर्मा ने छात्राओं को सुरक्षा के महत्व और सतर्कता के उपायों के बारे में बताया। कार्यक्रम में करीब 20 से 30 छात्राएं और अध्यापकगण शामिल हुए। पुलिस टीम ने छात्राओं को विभिन्न सरकारी हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी, जिनमें 1090 (महिला पावर लाइन), 181 (महिला हेल्पलाइन), 1098 (चाइल्डलाइन), 1076 (नागरिक कॉल सेंटर), 101 (अग्निशमन), 102 (एम्बुलेंस), 108 (आपातकालीन सेवा), 112 (इमरजेंसी रिस्पॉन्स सर्विस) और 1930 (साइबर क्राइम हेल्पलाइन) शामिल हैं। साथ ही छात्राओं को ‘गुड टच’ और ‘बैड टच’ की पहचान करने और किसी भी प्रकार की अनुचित हरकत या शंका होने पर तुरंत रिपोर्ट करने की सलाह दी गई।मिशन शक्ति 5.0 अभियान के अंतर्गत लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट में पुलिस आयुक्त अमरेन्द्र कुमार सेंगर के निर्देशन में अब तक 54 थानों पर मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिनमें महिला सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए एक निरीक्षक, उपनिरीक्षक और महिला उपनिरीक्षक की तैनाती की गई है। इन केंद्रों का उद्देश्य महिलाओं की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ सुनना और उनका तुरंत समाधान सुनिश्चित करना है।कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने साइबर सुरक्षा पर विशेष रूप से जोर दिया। छात्राओं को बताया गया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी निजी जानकारी साझा करने में सतर्कता बरतना अत्यंत आवश्यक है। साइबर बुलिंग, ऑनलाइन धोखाधड़ी और फ़िशिंग जैसे अपराधों से बचने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्हें डिजिटल फुटप्रिंट के प्रभावों और डेटा गोपनीयता बनाए रखने के महत्व के बारे में भी अवगत कराया गया।कार्यक्रम में पुलिस टीम ने “यूपी-कॉप” मोबाइल एप के उपयोग की जानकारी भी दी, जिससे महिलाएं किसी भी आपात स्थिति में पुलिस सहायता तुरंत प्राप्त कर सकती हैं। साथ ही हेल्पलाइन नंबरों के पंपलेट वितरित कर उन्हें अपने मोबाइल में सुरक्षित रखने की सलाह दी गई।मिशन शक्ति की यह पहल “सुरक्षा, शिक्षा और सशक्तिकरण” के सिद्धांत पर आधारित है, जिसका मुख्य उद्देश्य समाज में महिलाओं और बच्चियों को आत्मविश्वास से परिपूर्ण, जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना है। यह पहल केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक ठोस कदम है, जो महिलाओं को अपने अधिकारों, कानूनी संरक्षण और साइबर सुरक्षा के प्रति सजग बनाकर उन्हें आत्मरक्षा की दिशा में सक्षम कर रही है।उत्तर प्रदेश सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत छात्राओं को न केवल कानूनी अधिकारों और सुरक्षा उपायों की जानकारी दी जा रही है, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा, व्यक्तित्व विकास और करियर मार्गदर्शन जैसे विषयों पर भी उन्हें प्रशिक्षित किया जा रहा है। इस तरह मिशन शक्ति 5.0 अभियान नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक सशक्त सामाजिक आंदोलन बनता जा रहा है, जो हर युवती में आत्मविश्वास और सुरक्षा की भावना को और अधिक मजबूत कर रहा है।
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