
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ फसलों के बीमा की तिथि बढ़ी, किसानों को मिलेगा राहत का अवसर
किसानों के हित में एक अहम फैसला लेते हुए सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ फसलों के बीमा की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। अब गैर-ऋणी किसान 14 अगस्त 2025 तक और ऋणी किसान 30 अगस्त 2025 तक अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा करा सकेंगे। इसमें धान, ज्वार, बाजरा, मक्का, उर्द, मूंग, अरहर, मूंगफली, सोयाबीन और तिल जैसी फसलें शामिल हैं।इस योजना के अंतर्गत किसान को केवल उत्पादन लागत का दो प्रतिशत प्रीमियम भरना होता है, जबकि शेष प्रीमियम केंद्र एवं राज्य सरकारें वहन करती हैं। इसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं से फसल को हुए नुकसान की भरपाई कर किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना और उनकी आय को स्थिर रखना है। यह योजना कीट एवं रोग प्रकोप, सूखा, बाढ़, तूफान, ओलावृष्टि और फसल की असफल बुवाई जैसे संकटों में किसानों के लिए जीवनरेखा के रूप में कार्य करती है।बीमा कराने के लिए किसानों को आधार कार्ड, खतौनी, बैंक पासबुक और फसल विवरण जैसे दस्तावेजों की आवश्यकता होगी। किसान यह बीमा प्रक्रिया बैंक, कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पूरी कर सकते हैं।सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे तय समय सीमा से पहले अपनी फसलों का बीमा कराकर इस योजना का पूरा लाभ उठाएं। साथ ही यह भी सलाह दी गई है कि फसल को किसी भी प्रकार की क्षति होने की स्थिति में किसान 72 घंटे के भीतर संबंधित बीमा केंद्र या हेल्पलाइन नंबर पर सूचना अवश्य दें, ताकि उन्हें समयबद्ध मुआवजा मिल सके। यह योजना न केवल कृषि क्षेत्र को मजबूती देती है, बल्कि किसानों के आत्मविश्वास को भी बढ़ाती है।
