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उन्नाव रेप कांड: कुलदीप सिंह सेंगर की सजा निलंबन पर कांग्रेस का हमला, शाहनवाज आलम बोले– यह न्यायिक नहीं, राजनीतिक फैसला

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उन्नाव रेप कांड: कुलदीप सिंह सेंगर की सजा निलंबन पर कांग्रेस का हमला, शाहनवाज आलम बोले– यह न्यायिक नहीं, राजनीतिक फैसला

नई दिल्ली: उन्नाव रेप कांड के दोषी और पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की सजा के निलंबन को लेकर कांग्रेस ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। अखिल भारतीय कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव शाहनवाज आलम ने इस फैसले को न्यायिक नहीं बल्कि राजनीतिक करार देते हुए कहा कि इससे महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों का मनोबल बढ़ेगा और देशभर में असुरक्षा का माहौल पैदा होगा।

साप्ताहिक ‘स्पीक अप’ कार्यक्रम की 227वीं कड़ी में बोलते हुए शाहनवाज आलम ने कहा कि उम्रकैद की सजा काट रहे कुलदीप सिंह सेंगर को राहत देना सत्ता की महिलाओं के प्रति संवेदनहीनता को उजागर करता है। उन्होंने मांग की कि सुप्रीम कोर्ट को इस फैसले को तत्काल रद्द करना चाहिए और सजा निलंबन से जुड़े न्यायाधीशों की भूमिका की भी समीक्षा होनी चाहिए।

दिल्ली हाईकोर्ट के जजों पर सवाल

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सजा निलंबन से जुड़े दिल्ली हाईकोर्ट के दोनों न्यायाधीशों का पिछला रिकॉर्ड आरएसएस-भाजपा के कथित नैरेटिव को कानूनी वैधता देने वाला रहा है। उन्होंने कहा कि न्यायाधीश हरीश वैद्यनाथ शंकर गोधरा दंगों के दौरान लोक अभियोजक रह चुके हैं और राम मंदिर मामले में भी आरएसएस से जुड़े संगठनों की ओर से वकालत कर चुके हैं।

शाहनवाज आलम ने यह भी आरोप लगाया कि छात्र नेताओं उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं बिना समुचित सुनवाई के खारिज की गईं। इसके साथ ही उन्होंने मार्च 2025 में दिए गए एक बयान का उल्लेख किया, जिसमें ब्राह्मण समुदाय की हिंदू पुनरुद्धारवाद में भूमिका की बात कही गई थी, जिसे उन्होंने संविधान की भावना के विपरीत बताया।

दूसरे न्यायाधीश पर भी आरोप

शाहनवाज आलम ने न्यायाधीश सुब्रह्मण्यम प्रसाद पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ दायर याचिकाओं को खारिज करने और ईशा फाउंडेशन से जुड़े मामलों में सोशल मीडिया पोस्ट हटाने के निर्देश देने जैसे फैसले भी पक्षपातपूर्ण दृष्टिकोण को दर्शाते हैं।

महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता

कांग्रेस नेता ने कहा कि कुलदीप सिंह सेंगर को दी गई राहत से यह संदेश गया है कि सत्ता के संरक्षण में गंभीर अपराधों के दोषियों को बचाया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस-भाजपा के सत्ता में आने के बाद बलात्कार और महिला हिंसा के मामलों में अपराधियों के हौसले बढ़े हैं।

उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध मुक्त समाज के लिए जरूरी है कि भाजपा को सत्ता से हटाया जाए और यह हर नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है।

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