
लखनऊ: भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर यूपी कांग्रेस कार्यालय में श्रद्धांजलि सभा
भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस (6 दिसंबर) के अवसर पर आज उत्तर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय, लखनऊ में एक स्मृति सभा आयोजित की गई। कांग्रेसजनों ने बाबा साहेब के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी और उनके जीवन, विचारों तथा योगदान पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ कांग्रेस नेता बिजेन्द्र सिंह ने किया।
सभा की शुरुआत राज्यसभा में उपनेता प्रतिपक्ष प्रमोद तिवारी, यूपी कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’, सांसद तनुज पुनिया और राष्ट्रीय प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह द्वारा पुष्पांजलि अर्पित करने से हुई।
प्रमोद तिवारी: संविधान की मूल भावना को मजबूत करने का संदेश
प्रमोद तिवारी ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन समता, स्वतंत्रता और बंधुता के मूल्यों पर आधारित संविधान की भावना को मजबूत करने का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में उनके विचार लोकतंत्र और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
तनुज पुनिया: दलितों के उत्थान के लिए क्रांतिकारी योगदान
सांसद तनुज पुनिया ने डॉ. अंबेडकर को शिक्षा, सामाजिक न्याय, आरक्षण व्यवस्था और दलित उत्थान का सबसे बड़ा पुरोधा बताया। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने छात्रवृत्ति, छात्रावास, श्रमिक अधिकार और सामाजिक समानता के लिए ऐतिहासिक कार्य किए।
तनुज पुनिया: दलितों के उत्थान के लिए क्रांतिकारी योगदान
आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने कहा कि डॉ. अंबेडकर केवल संविधान निर्माता ही नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, मानवाधिकार और समानता के सबसे बड़े संरक्षक थे। उन्होंने बताया कि बाबा साहेब ने वंचित वर्गों को अधिकार और सम्मान दिलाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह, रिटायर्ड आईएएस अनीस अंसारी, पूर्व मंत्री राजबहादुर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजनों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए।
