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यूपी रुद्राज़ ग्रासरूट्स हॉकी क्लिनिक का लखनऊ में शुभारंभ, खेल प्रतिभाओं को तराशने की पहल

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यूपी रुद्राज़ ग्रासरूट्स हॉकी क्लिनिक का लखनऊ में शुभारंभ, खेल प्रतिभाओं को तराशने की पहल

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में हॉकी को जमीनी स्तर पर पुनर्जीवित करने और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सामने लाने के उद्देश्य से यूपी रुद्राज़ और यदु स्पोर्ट्स द्वारा बुधवार को लखनऊ के पद्मश्री मोहम्मद शाहिद हॉकी स्टेडियम में यूपी रुद्राज़ ग्रासरूट्स हॉकी क्लिनिक की शुरुआत की गई। यह पहल प्रदेश के शहरों, कस्बों और ग्रामीण अंचलों में छिपी हुई हॉकी प्रतिभाओं को खोजने और उन्हें राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के खेल निदेशक आर.पी. सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने यूपी रुद्राज़ की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम इस बात का सजीव उदाहरण है कि निजी क्षेत्र की भागीदारी किस प्रकार सार्वजनिक खेलों को नई दिशा दे सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास न केवल राज्य बल्कि पूरे देश में हॉकी के भविष्य को नई ऊर्जा देंगे।क्लिनिक के उद्घाटन अवसर पर यूपी रुद्राज़ के खेल प्रमुख सुखविंदर सिंह ने कहा कि उनका लक्ष्य केवल खेल का बुनियादी ढांचा विकसित करना नहीं, बल्कि प्रदेश में हॉकी को फिर से लोगों के जीवन और संस्कृति का हिस्सा बनाना है। उन्होंने कहा कि यूपी के छोटे शहरों और गांवों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस आवश्यकता है उसे सही मार्गदर्शन और मंच देने की।
कार्यक्रम में मौजूद यूपी रुद्राज़ के टेक्निकल डायरेक्टर सेड्रिक डिसूज़ा ने संगठन की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह प्रयास खिलाड़ियों और कोचों को न केवल तकनीकी प्रशिक्षण देगा, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास और प्रेरणा भी देगा। उन्होंने सिंघानिया परिवार के इस सहयोग को विशेष रूप से धन्यवाद देते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम भविष्य के खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के लिए मील का पत्थर बनेंगे।
यह ग्रासरूट्स हॉकी क्लिनिक दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहला चरण लखनऊ में 26 से 28 जून तक और दूसरा चरण वाराणसी में 30 जून से 2 जुलाई तक चलेगा। इन शिविरों का नेतृत्व स्वयं टेक्निकल डायरेक्टर सेड्रिक डिसूज़ा करेंगे। प्रत्येक शहर में पांच संरचित प्रशिक्षण सत्र होंगे, जो खिलाड़ियों और कोचों दोनों के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। इन सत्रों का उद्देश्य प्रतिभा की पहचान कर उन्हें उच्च स्तर पर प्रदर्शन के लिए तैयार करना और राज्य में एक स्थायी व प्रतिस्पर्धात्मक हॉकी माहौल का निर्माण करना है।यूपी रुद्राज़ की इस पहल को राज्य में हॉकी के भविष्य को मजबूत करने की दिशा में एक सार्थक और दूरदर्शी प्रयास माना जा रहा है, जिससे न केवल खेल को नया जीवन मिलेगा, बल्कि भविष्य में भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई प्रतिभाएं भी मिलेंगी।

       

 

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