
लखनऊ से नैमिषारण्य और अयोध्या के लिए यूपीएसटीडीसी गाइडेड टूर की शुरुआत
लखनऊ: उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) ने विश्व पर्यटन दिवस (27 सितंबर, 2025) के अवसर पर लखनऊ से नैमिषारण्य और अयोध्या जैसे पवित्र तीर्थस्थलों के लिए एक दिवसीय गाइडेड टूर की शुरुआत की है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुविधाजनक और सार्थक आध्यात्मिक यात्रा का अनुभव प्रदान करना है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए इस पैकेज में विशेष रियायतें उपलब्ध कराई गई हैं।
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि लखनऊ-नैमिषारण्य यात्रा हर शुक्रवार, रविवार और सोमवार सुबह 08:00 बजे लखनऊ स्थित होटल गोमती से प्रस्थान करेगी और शाम 07:30 बजे लखनऊ लौटेगी। इस पैकेज की दर प्रति व्यक्ति 1,700 रुपए है, जबकि वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष शुल्क 1,000 रुपए है। इस यात्रा में श्रद्धालु चक्रतीर्थ, व्यास गद्दी और ललिता देवी मंदिर सहित नैमिषारण्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन कर सकेंगे।इसके अतिरिक्त, लखनऊ-अयोध्या दर्शन यात्रा शनिवार और रविवार सुबह 08:00 बजे होटल गोमती से शुरू होगी और रात लगभग 08:30 बजे वापस लखनऊ पहुंचेगी। इस पैकेज की दर प्रति व्यक्ति 2,000 रुपए और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 1,000 रुपए रखी गई है। यात्रा में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, हनुमानगढ़ी, राम की पैड़ी और अयोध्या के अन्य प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के दर्शन शामिल होंगे।यूपीएसटीडीसी ने इन पैकेजों में अनुभवसम्पन्न स्थानीय गाइड भी शामिल किए हैं, जो पौराणिक आख्यानों, ऐतिहासिक प्रसंगों और धार्मिक महत्व से जुड़े रोचक किस्से साझा करेंगे। पैकेज में लंच, यात्रा के दौरान रीफ़्रेशमेंट और स्मृति-चिह्न भी शामिल हैं। बुकिंग ऑनलाइन या फोन के माध्यम से की जा सकती है। संपर्क नंबर हैं: +91 91490 99890, +91 94150 13041, +91 94159 02726।पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि यह पहल न केवल सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करेगी, बल्कि श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक अनुभव से भी समृद्ध करेगी। समूह यात्रा से यात्री आपस में संवाद और सामाजिक जुड़ाव का अवसर प्राप्त करेंगे।यूपीएसटीडीसी की प्रबंध निदेशक ईशा प्रिया ने बताया कि निश्चित समय-सारणी, किफायती दरें और गाइड द्वारा सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक जानकारी सुनिश्चित करेंगी कि वरिष्ठ नागरिक भी बिना किसी असुविधा के यात्रा का आनंद ले सकेंगे। यह पहल उत्तर प्रदेश की समृद्ध आध्यात्मिक धरोहर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने और आस्था पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
