
राजधानी लखनऊ में शुरू हुआ उत्तर प्रदेश का पहला V5 रिटेल आउटलेट, मेव बाय एम्ब्रोसिया ने दी वाइन उद्योग को नई पहचान
राजधानी लखनऊ में शुरू हुआ उत्तर प्रदेश का पहला V5 रिटेल आउटलेट, मेव बाय एम्ब्रोसिया ने दी वाइन उद्योग को नई पहचान
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मेव बाय एम्ब्रोसिया ने उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से राज्य का पहला V5 रिटेल आउटलेट शुरू किया है। यह आउटलेट गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के पास शहर के प्रीमियम क्षेत्र में स्थापित किया गया है। V5 रिटेल लाइसेंस उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उन वाइनरियों को प्रदान किया जाता है जो राज्य में स्वयं वाइन का निर्माण करती हैं। इस योजना का उद्देश्य प्रदेश में निर्मित वाइन के प्रचार, बिक्री और प्रसार को प्रोत्साहित करना है, ताकि उच्च गुणवत्ता वाली स्थानीय वाइन सीधे उपभोक्ताओं तक पहुँच सके।मेव बाय एम्ब्रोसिया के संस्थापक माधवेंद्र देव सिंह ने उद्घाटन अवसर पर कहा कि “V5 रिटेल केवल एक बिक्री केंद्र नहीं है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश की वाइन उद्योग के लिए आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम है। इस पहल से प्रदेश में बनी वाइन को सीधा बाज़ार मिलेगा और स्थानीय उद्योग को नई पहचान प्राप्त होगी।”
मेव बाय एम्ब्रोसिया ने देश की पहली शहतूत आधारित नैचुरल वाइन ‘मेव मलबरी मोरट मीड वाइन’ प्रस्तुत की थी। हाल ही में इस वाइन को 29 अक्टूबर 2025 को गुरुग्राम (दिल्ली-एनसीआर) में आयोजित स्पिरिट्ज़ मैगज़ीन की राष्ट्रीय ब्लाइंड टेस्टिंग प्रतियोगिता में सिल्वर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश में निर्मित वाइन की गुणवत्ता और नवाचार क्षमता का प्रमाण मानी जा रही है।नया V5 आउटलेट एक अनुभव एवं प्रदर्शन केंद्र के रूप में भी कार्य करेगा, जहाँ उपभोक्ता प्रदेश में निर्मित वाइन और अन्य प्राकृतिक उत्पादों का स्वाद और अनुभव प्राप्त कर सकेंगे। यह पहल राज्य सरकार की कृषि-प्रसंस्करण, ग्रामीण उद्यम, रोजगार सृजन और पर्यटन विकास को प्रोत्साहित करने वाली नीतियों के अनुरूप है।एम्ब्रोसिया वायनरी के तहत स्थानीय फलों जैसे आम, जामुन, आंवला और बेर से फ्रूट वाइन का उत्पादन किया जा रहा है। यह न केवल उत्पादन की एक नई दिशा है बल्कि किसानों को अपने फलों के लिए उचित मूल्य दिलाने का अवसर भी प्रदान करेगी। इस परियोजना से प्रदेश की क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और किसानों की आमदनी में सीधा इजाफा होगा।वायनरी पर्यावरण के अनुकूल तकनीकों का उपयोग कर रही है तथा इसके संचालन में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। उत्पादन, पैकेजिंग, तकनीकी और विपणन जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित युवाओं की आवश्यकता को देखते हुए कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। इससे प्रदेश के युवाओं को रोजगार और प्रशिक्षण दोनों के अवसर प्राप्त होंगे।उत्तर प्रदेश विशेष रूप से आम और जामुन जैसे फलों के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन अब तक इनके प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन की दिशा में सीमित कार्य हुआ था। इस वायनरी के माध्यम से अब इन फलों का आधुनिक उपयोग किया जाएगा, जिससे राज्य में फल उत्पादन को नई पहचान मिलेगी।यह परियोजना न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि राज्य की समग्र अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा देगी। किसान, श्रमिक, ट्रांसपोर्टर, विपणन एजेंसियां और खुदरा व्यापारी—सभी इस प्रक्रिया के हिस्सेदार बनेंगे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों को व्यापक गति मिलेगी।
