
सिद्धार्थनगर में ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम विकास अधिकारियों का विरोध प्रदर्शन, 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा
उत्तर प्रदेश ग्राम पंचायत अधिकारी संघ और ग्राम विकास अधिकारी एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश के संयुक्त बैनर तले सिद्धार्थनगर के लोटन विकास खंड परिसर में ग्राम विकास अधिकारियों और ग्राम सचिवों ने बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान अधिकारियों ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों और ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली के विरोध में मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन को संबोधित ज्ञापन BDO लोटन और जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा।
मुख्य मुद्दे व मांगें
संघ ने कहा कि बिना समुचित संसाधन उपलब्ध कराए उन पर अन्य विभागों का अतिरिक्त कार्यभार नहीं डाला जाना चाहिए। साथ ही उनकी व्यावहारिक समस्याओं पर त्वरित और न्यायसंगत निर्णय की मांग की गई।
ग्राम सचिवों की प्रमुख 10 मांगें (सार रूप में)
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ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली का विरोध – फील्ड आधारित कार्यप्रणाली के अनुकूल नहीं।
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अव्यवहारिक उपस्थिति व्यवस्था – एक सचिव के पास 4–9 पंचायतों का प्रभार, समय पर उपस्थित होना संभव नहीं।
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निजता का उल्लंघन – निजी मोबाइल से थर्ड-पार्टी ऐप एक्सेस देना निजता के अधिकार का उल्लंघन।
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वेतनमान वृद्धि – योग्यता स्नातक करने व वेतन मैट्रिक्स-5 की मांग।
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वाहन व मोबाइल भत्ता – वाहन भत्ता, मोबाइल फोन और CUG सिम उपलब्ध कराने की मांग।
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पदोन्नति विसंगतियां दूर करना – समान पदों के समान ग्रेड वेतन की मांग।
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स्थानांतरण नीति में सुधार – स्थानीय भाषा/परंपरा समझने वाले जिलों में तैनाती।
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ऑडिट व्यवस्था सुधार – CA/सोशल ऑडिटर द्वारा ऑडिट का विकल्प।
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मनरेगा वसूली में न्याय – केवल सचिव से वसूली न हो; BDO और लेखाकार की भी समान जिम्मेदारी तय हो।
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अतिरिक्त कार्यों का बोझ कम करें – वर्तमान में 29 से अधिक विभागीय कार्य, जिससे कार्यक्षमता प्रभावित।
प्रदर्शन में शामिल अधिकारी
रविन्द्र कुमार जाटव, प्रियंका गोस्वामी, ईश्वर देव, मनोज कुमार, केशभान यादव, आशीष पटेल, देवेंद्र मणि त्रिपाठी, सुमन पटेल, विजय पाल, दिलीप पटेल सहित कई ग्राम सचिव व अधिकारी मौजूद रहे।