
गांव : में ही 100 दिन का काम देने का वादा करने वाली योजना यानी कि मनरेगा जिसका मुख्य उद्देश्य की गांव के लोगों को रोजगार दिया जाए लेकिन सैदनपुर ग्राम पंचायत में रहने वाले मिथिलेश कुमार का दावा है कि उन्होंने मनरेगा में करीब 6 महीने पहले काम किया था लेकिन उन्हें आज तक पैसे नहीं मिले जिसके चलते उनका परिवार काफी ज्यादा परेशान है, उन्होंने बताया कि हमने इस आशा से काम किया था कि दो पैसे मिल जाएंगे तो घर का काम चलेगा लेकिन हमें आजतक काम करने के बावजूद भी पैसा नहीं मिला जो काफी निंदनीय है हमने कई बार ग्राम प्रधान से भी कहा लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला, ऐसे में यह बड़ा सवाल है कि इन की मजदूरी कब मिलेगी।