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पोषण के लिए कार्य करना सशक्त समाज निर्माण व राष्ट्र निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम : सांसद

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लखीमपुर खीरी:   कुपोषण को दूर करने के दृष्टिगत सरकार द्वारा पिछले तीन वर्षों से सितंबर माह को “राष्ट्रीय पोषण माह” के रूप में मनाया जा रहा है। जो 01 सितंबर से 30 सितंबर तक विविध गतिविधियों जिसमें 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों का वजन, सैम मैम बच्चों का चिन्हांकन, संवर्धन एवं प्रबंधन और समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों व सरकारी खाली भूमि आदि पर पोषण वाटिका को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया गया है। बताते चले पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न प्रणव मुखर्जी के निधन के कारण 06 सितंबर तक राष्ट्रीय शोक की घोषित होने के कारण 07 सितंबर 2020 को पोषण माह का शुभारंभ किए जाने के निर्देश दिए गए, उक्त के परिपेक्ष में मंगलवार को जनपद लखीमपुर खीरी की ग्राम पंचायत सेधरी के आंगनबाड़ी केंद्र पर खीरी सांसद अजय मिश्र टेनी एवं विधायक सदर योगेश वर्मा ने कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ करते हुए शून्य से 05 वर्ष तक के बच्चों का वजन लेकर कुपोषण के दुष्प्रभावों को कम करने के लिए ग्राम वासियों को विस्तृत जानकारी दी गई। इसी कड़ी में गर्भवती महिलाओं को कुपोषण से मुक्ति के लिए पोषण किट वितरित की गई। छह माह पूरे कर चुके बच्चों प्रियम, शिवा, हिमांशु का अन्नप्राशन करा कर कुपोषण दूर करने के संदेश दिया। साथ ही पोषण वाटिका के प्रोत्साहन हेतु सहजन, अमरूद, आंवला आदि पौधों को रोपित किया गया तथा संदेश दिया गया कि इसी तरह से सभी आंगनबाड़ी केंद्रों व सरकारी भूमि विद्यालयों आदि में पोषण वाटिका स्थापित की जाए

खीरी सांसद अजय मिश्र टेनी ने कहा कि पोषण के लिए कार्य करना सशक्त समाज निर्माण व राष्ट्र निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के कार्य को सराहा व प्रोत्साहित किया। अति कुपोषित बच्चों का चिन्हीकरण करते हुए सभी कन्वर्जेन्स विभागों से परिवार को लाभान्वित करने पर जोर दिया। स्वस्थ शरीर के लिए स्वच्छ भोजन व पर्यावरण को महत्व देते हुए समाज में किचेन गार्डेन हेतु पौधे लगाये जाने पर ध्यान केन्द्रित करने के लिये प्रेरित किया। अतिकुपोषित बच्चों व गर्भवती महिलाओं को अधिक से अधिक पौष्टिक सब्जी एवं फलों के पौधे लगाये जाने हेतु प्रोत्साहित करने हेतु विशेष बल भी सांसद ने दिया।

विधायक सदर योगेश वर्मा ने बच्चों को देश का भविष्य बताते हुए उनको स्वस्थ व सुपोषित करने हेतु सभी प्रतिभागियों को अपने-अपने स्तर पर कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। उनकी चर्चा का विषय सूक्ष्म पोषण तत्वों की महत्ता शारीरिक व मानसिक विकास में अति महत्वपूर्ण व ऊपरी आहार, जो कि 6 माह से ऊपर के बच्चे के लिए अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि 0 से 5 वर्ष बच्चे के विकास की बहुत महत्वपूर्ण समय सीमा है जिसमें बच्चा शारीरिक, मानसिक व भावनात्मक रूप से विकसित होता है

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