diwali horizontal

युवाओं की बेरोजगारी और भाजपा की ‘डिलीट राजनीति’ 2027 में लाएगी बदलाव: अखिलेश यादव

0 53

युवाओं की बेरोजगारी और भाजपा की ‘डिलीट राजनीति’ 2027 में लाएगी बदलाव: अखिलेश यादव

लखनऊ, 22 मई: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक बार फिर प्रदेश की भाजपा सरकार को युवाओं की बेरोजगारी और जुमलेबाज़ी पर आड़े हाथों लेते हुए तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा के एजेंडे में युवाओं की नौकरी और रोजगार नहीं है। शिक्षक भर्ती से जुड़ी 1,93,000 पदों की घोषणा को एक “जुमला” बताते हुए उन्होंने कहा कि यह जनता को धोखा देने की रणनीति है, जिसे प्रदेश की जनता अब बखूबी समझ चुकी है।अखिलेश यादव ने बताया कि यदि इस भर्ती के एक पद पर औसतन 75 अभ्यर्थी माने जाएं तो लगभग 1.45 करोड़ युवाओं की उम्मीद इससे जुड़ती है। और अगर हर अभ्यर्थी के साथ दो अभिभावक भी जोड़े जाएं तो यह संख्या 4.34 करोड़ तक पहुंचती है। उन्होंने कहा कि जब इस आंकड़े को विधानसभा की 403 सीटों में बांटते हैं, तो औसतन हर सीट पर लगभग 1.08 लाख लोग इस मुद्दे से प्रभावित होते हैं। यदि इनमें से आधे भी भाजपा के वोटर माने जाएं, तो भाजपा को हर सीट पर करीब 54 हजार मतों का नुकसान हो सकता है। उन्होंने भविष्यवाणी की कि इस नुकसान के चलते भाजपा 2027 के विधानसभा चुनाव में दहाई के आंकड़े में सिमट जाएगी।सपा अध्यक्ष ने कहा कि पुलिस भर्ती जैसे मामलों में भी भाजपा को भारी राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ा है और अब नौजवान इन आंकड़ों को केवल मानसिक दबाव नहीं, बल्कि राजनीतिक परिवर्तन के औजार के रूप में देखने लगे हैं। उन्होंने चेताया कि जैसे ही यह जागरूकता और आंकड़ा भावी विधानसभा प्रत्याशियों तक पहुंचेगा, भाजपा में भगदड़ मचना तय है।उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में हर वर्ग—किसान, मजदूर, महिला, छात्र, दुकानदार, छोटे व्यापारी, कलाकार, कर्मचारी, पत्रकार—भ्रष्टाचार, महंगाई और असुरक्षा से त्रस्त है। शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, सड़क जैसी बुनियादी सेवाओं की बदहाली और टैक्स वसूली की मनमानी ने जनता में असंतोष की आग और भड़का दी है।अखिलेश यादव ने जोर देकर कहा कि भाजपा सरकार ने समाजवादी सरकार की योजनाओं का ही उद्घाटन कर-करके जनता को भ्रमित किया है। अब भाजपा के प्रत्याशी जनता के सामने जाने से घबरा रहे हैं कि आखिर वो किस मुंह से विकास की बात करें। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने विकास नहीं, बल्कि “उद्घाटन का उद्घाटन” ही किया है।उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की पराजय की पटकथा लोकसभा चुनाव के नतीजों से ही लिखी जा चुकी है। अब 2027 के चुनाव में जनता समाजवादी विचारधारा से प्रेरित, सामाजिक न्याय आधारित पीडीए (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) सरकार को चुनने का मन बना चुकी है। पीडीए अब केवल एक नारा नहीं, बल्कि जनता की प्रतिबद्धता बन चुका है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.