
महिला कल्याण विभाग का निर्देश: बाल देखभाल संस्थाओं में बच्चों के साथ मनाएँ दीपावली, अपनत्व और खुशी का संचार करें
महिला कल्याण विभाग का निर्देश: बाल देखभाल संस्थाओं में बच्चों के साथ मनाएँ दीपावली, अपनत्व और खुशी का संचार करें
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार के महिला कल्याण विभाग ने प्रदेश के समस्त जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किया है कि वे आगामी 20 अक्टूबर 2025 को अपने-अपने जनपदों में संचालित बाल देखभाल संस्थाओं में आवासित बच्चों के साथ दीपावली पर्व अपने परिवार सहित मनाएँ। अपर मुख्य सचिव, महिला कल्याण विभाग, श्रीमती लीना जौहरी ने कहा कि ये बच्चे सामाजिक और आर्थिक रूप से विपरीत परिस्थितियों के कारण अपने परिवार से दूर हैं और राज्य सरकार की संरक्षण व्यवस्था के तहत जीवन यापन कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें परिवार के स्नेह और अपनत्व की विशेष आवश्यकता होती है।प्रदेश में महिला कल्याण विभाग के अधीन विभिन्न प्रकार के बाल गृह, शिशु गृह, दत्तक ग्रहण इकाइयाँ, सम्प्रेक्षण गृह, विशेष गृह, प्लेस ऑफ सेफ्टी और आफ्टर-केयर संस्थाएँ संचालित हैं, जिनमें बच्चे शिक्षा, पोषण, सुरक्षा और देखभाल प्राप्त करते हैं। श्रीमती जौहरी ने कहा कि दीपावली जैसे उत्सव पर जब समाज अपने परिवार के साथ आनंद मनाता है, तब ये बच्चे अपने परिवार की अनुपस्थिति महसूस करते हैं। ऐसे में प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि या स्वयंसेवी संगठन यदि बच्चों के साथ समय बिताएँ, मिठाइयाँ और उपहार बाँटें, तो यह उनके जीवन में खुशी, अपनापन और आत्मीयता का संचार करेगा।अपर मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों से अपेक्षा की है कि वे स्वयं इन बाल गृहों में दीपावली मनाएँ और अपने अधीनस्थ अधिकारियों को भी प्रेरित करें कि वे बच्चों के साथ त्योहार मनाएँ। इस पहल से बच्चों में आत्मविश्वास, स्नेह और उत्साह का संचार होगा और उन्हें समाज एवं शासन के स्नेह का प्रत्यक्ष अनुभव मिलेगा।महिला कल्याण विभाग की यह पहल प्रदेश में बाल कल्याण के क्षेत्र में संवेदनशील प्रशासनिक दृष्टिकोण को और सशक्त बनाएगी, तथा दीपावली को बच्चों के प्रति समर्पित पर्व के रूप में प्रतिष्ठित करेगी।
