
सऊदी अरब में भारतीय नागरिक को 3 साल की सजा व 18 लाख का जुर्माना!

युवक रायबरेली के चंदापुर थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर गांव का रहने वाला है।सिकंदरपुर के रहने वाले विंध्या प्रसाद खेती किसानी करके अपने परिवार को पालते हैं। इनके 7 बेटे और एक बेटी है। राजीव तीसरे नंबर का बेटा है। राजीव कमाने के लिए विदेश जाना चाहता था। राजीव और उसके पिता विंध्या ने रिश्तेदारों से कर्ज लेकर वीजा-पासपोर्ट बनवाए। सऊदी अरब जाने के लिए एजेंट ढूंढा। एजेंट ने राजीव को 2023 में सउदी अरब के रियाद में पानी का टैंकर चलाने के लिए भेजा।राजीव के पिता विंध्या ने बताया कि जब राजीव वहां पहुंचा तो उसे कचरा गाड़ी चलाने के काम पर लगा दिया। राजीव ने 6 महीने कर कचरा उठाने वाले ट्रेलर पर काम किया। एक दिन उसका फोन आया कि यहां उससे काम कराया जाता है, लेकिन उसे खाना पीना नहीं दिया जाता। उसे प्रताड़ित किया जाता है। इसके बाद उसका फोन आना बंद हो गया। 6 महीनों तक कोई फोन नहीं आया। घर में सभी लोग परेशान हो गए।एक दिन अचानक फिर से फोन आया। फोन पर दूसरी तरफ राजीव था। राजीव ने रोते हुए बताया कि वह भूखे-प्यासे काम करने से परेशान हो गया था। इसलिए वह काम छोड़कर वहां से भागने के लिए बॉर्डर पर गया था। यहां पर उसे पुलिस ने पकड़ लिया। उसपर देश छोड़कर भागने और नियम के विरुद्ध बॉर्डर पार करने के जुर्म में उसपर तीन साल की सजा और 18 लाख भारतीय रुपए जुर्माना लगाया है।