
आरपीआई ने भाजपा के पूर्व विधायक राघवेन्द्र प्रताप सिंह के बयान को बताया शर्मनाक, कार्रवाई की मांग की
आरपीआई ने भाजपा के पूर्व विधायक राघवेन्द्र प्रताप सिंह के बयान को बताया शर्मनाक, कार्रवाई की मांग की
लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी के पूर्व विधायक राघवेन्द्र प्रताप सिंह के “10 मुस्लिम लड़कियों को लाओ, नौकरी का इंतज़ाम मैं करूंगा” जैसे विवादित बयान पर रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। आरपीआई ने इस बयान को न केवल शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण बताया है, बल्कि इसे सामाजिक सौहार्द को नष्ट करने की साजिश करार दिया है।आरपीआई के प्रदेश अध्यक्ष पवन भाई गुप्ता ने कहा कि यह बयान भारत की गंगा-जमुनी तहज़ीब, संवैधानिक मूल्यों और सामाजिक एकता पर सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति ने हमेशा प्रेम, भाईचारे और सद्भाव को सर्वोच्च स्थान दिया है, लेकिन इस तरह के भड़काऊ और अमर्यादित बयान समाज में नफ़रत और वैमनस्यता का ज़हर घोलने का काम करते हैं।
पवन भाई गुप्ता ने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी जनप्रतिनिधि को इस प्रकार की गैरजिम्मेदार और सांप्रदायिक टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। ऐसे बयान न केवल सामाजिक शांति को भंग करते हैं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और गरिमा पर भी आघात पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि आरपीआई इस बयान की घोर निंदा करती है और इसे असंवैधानिक एवं असंवेदनशील करार देती है।उन्होंने यह भी कहा कि आरपीआई मांग करती है कि शासन-प्रशासन और चुनाव आयोग इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कानूनी कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि इस मामले में ऐसी मिसाल कायम की जानी चाहिए जिससे भविष्य में कोई भी जनप्रतिनिधि समाज को धर्म या समुदाय के नाम पर बांटने का दुस्साहस न कर सके।पवन भाई गुप्ता ने कहा कि आरपीआई का स्पष्ट मत है कि देश तभी सुरक्षित और सशक्त रहेगा जब समाज में एकता, समानता और सौहार्द की भावना जीवित रहेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान के मूल आदर्शों — समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व — की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध हैउन्होंने अंत में कहा कि आरपीआई ऐसे किसी भी बयान या कार्रवाई का विरोध करती है जो देश की एकता, अखंडता और सामाजिक शांति को प्रभावित करती हो, और यह कि पार्टी हमेशा से “एक भारत, समरस भारत” के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध रहेगी।
