
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण की प्रक्रिया शुरू, मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने दी विस्तृत जानकारी
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण की प्रक्रिया शुरू, मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने दी विस्तृत जानकारी
लखनऊ: मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम की घोषणा 27 अक्टूबर 2025 को कर दी गई है। इस अभियान का उद्देश्य राज्य के प्रत्येक योग्य मतदाता को सही और अद्यतन मतदाता सूची में सम्मिलित करना है।मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि पुनरीक्षण की प्रक्रिया के दौरान बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) अपने-अपने क्षेत्र में प्रत्येक मतदाता से व्यक्तिगत रूप से संपर्क करेंगे। बीएलओ कम से कम तीन बार मतदाता के घर जाकर गणना प्रपत्र की दो प्रतियां वितरित और एकत्र करेंगे। इस प्रपत्र में मतदाता का नाम, एपिक संख्या, भाग संख्या, क्रम संख्या, विधानसभा क्षेत्र का नाम और मतदाता का फोटो पहले से अंकित रहेगा। मतदाता चाहें तो अपना नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो भी प्रपत्र पर चस्पा कर सकते हैं।मतदाता को गणना प्रपत्र में अपने परिवार और व्यक्तिगत विवरणों को भरना होगा। यदि किसी मतदाता को विवरण भरने में कठिनाई होती है, तो वह बीएलओ से सहायता प्राप्त कर सकता है। इस प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं को किसी प्रकार का दस्तावेज प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी।रिणवा ने बताया कि गणना प्रपत्र भरने के बाद मतदाता या उनके किसी वयस्क संबंधी के हस्ताक्षर आवश्यक होंगे। हस्ताक्षरित प्रपत्र की एक प्रति बीएलओ को सौंपी जाएगी और दूसरी प्रति मतदाता को पावती के रूप में दी जाएगी।जिन मतदाताओं का नाम पूर्ववर्ती विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2003 की सूची से लिंक नहीं हो पाएगा, उन्हें संबंधित विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा सुनवाई के लिए नोटिस भेजा जाएगा। सुनवाई के दौरान मतदाता को पहचान के लिए किसी एक प्रमाणपत्र की आवश्यकता होगी, जिसमें केंद्र या राज्य सरकार द्वारा जारी पहचान पत्र, पासपोर्ट, जन्म प्रमाण पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, मैट्रिकुलेशन प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर, भूमि या मकान आवंटन पत्र आदि दस्तावेज शामिल हैं।निर्वाचक नामावली का आलेख्य प्रकाशन (ड्राफ्ट रोल) 9 दिसंबर 2025 को किया जाएगा, जिसके बाद दावे और आपत्तियां 9 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 तक दाखिल की जा सकेंगी। इन पर संबंधित अधिकारी द्वारा सुनवाई की जाएगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि यदि किसी मतदाता को निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के निर्णय पर आपत्ति हो, तो वह जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रथम अपील दायर कर सकता है। जिला मजिस्ट्रेट के निर्णय के विरुद्ध द्वितीय अपील मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश के समक्ष की जा सकेगी।
पुनरीक्षण प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन 7 फरवरी 2026 को किया जाएगा।मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राज्य के सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे इस विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी करें और बीएलओ द्वारा उपलब्ध कराए गए गणना प्रपत्र में अपनी जानकारी सही-सही भरकर समय पर जमा करें, ताकि आगामी चुनावों में सभी पात्र मतदाता सूची में सम्मिलित हो सकें।
