
योगी सरकार का कृषि आधुनिकीकरण मिशन तेज, कृषि मंत्री ने लिफ्ट और श्री अन्न गैलरी का किया लोकार्पण
लखनऊ: योगी सरकार द्वारा कृषि विभाग में बुनियादी सुविधाओं के आधुनिकीकरण और श्री अन्न (मिलेट्स) को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने शुक्रवार को कृषि निदेशालय, लखनऊ में दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इस दौरान उनके साथ कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख भी मौजूद रहे।
कृषि भवन में 20 व्यक्तियों की क्षमता वाली नई लिफ्ट का शुभारंभ करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि विभागीय कार्यालयों में आधुनिक सुविधाओं की उपलब्धता से कामकाज में गति आएगी और कर्मचारियों की दक्षता बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि यह आधुनिकीकरण कृषि विभाग को अधिक प्रभावी और तकनीक-आधारित बनाने की दिशा में अहम कदम है।
इसके बाद कृषि भवन के तीसरे तल पर स्थापित ‘श्री अन्न (मिलेट्स) गैलरी’ का उद्घाटन किया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह गैलरी मिलेट्स के महत्व, पोषण मूल्य, उपयोग और प्रसंस्करण संबंधी जानकारी जनसाधारण और किसानों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जिससे मिलेट्स की खपत और खेती को बढ़ावा मिलेगा।
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि मिलेट्स न केवल अत्यधिक पौष्टिक हैं, बल्कि कम लागत में अधिक लाभ देने वाली फसलें होने के कारण किसानों के लिए बेहद लाभदायक हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि मिलेट्स से संबंधित जागरूकता, प्रशिक्षण और नई तकनीक की जानकारी अधिक से अधिक किसानों तक पहुँचाई जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में चल रही ALM कार्बन परियोजना पर भी चर्चा हुई। इसमें किसानों को कार्बन क्रेडिट का सीधा लाभ देने की संभावनाओं पर विचार किया गया। मंत्री ने बताया कि प्रारम्भिक चरण में इस परियोजना को एक मंडल में लागू करने का प्रस्ताव है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में नए अवसर बनेंगे।
कृषि मंत्री ने रबी गेहूं के बीज वितरण की समीक्षा करते हुए बताया कि प्रदेश में उपलब्ध 9,74,730 कुन्तल बीज के मुकाबले 7,58,603 कुन्तल का वितरण किया जा चुका है। उन्होंने किसानों से 30 नवंबर से पहले बीज प्राप्त करने की अपील की, ताकि उन्हें अनुदान का लाभ समय पर मिल सके। उन्होंने कहा कि समय पर बुवाई, विशेषकर लाइन में बुवाई, उत्पादन बढ़ाने में अत्यंत सहायक है।
मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योगी सरकार की किसान हितैषी नीतियों को पूर्ण पारदर्शिता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ लागू किया जाए, ताकि प्रदेश की कृषि प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाया जा सके। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव कृषि रविंद्र, निदेशक कृषि पंकज त्रिपाठी और पूर्व निदेशक कृषि जितेंद्र तोमर सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
