
उत्तरी अरब सागर में पाकिस्तान नौसेना का मिसाइल टेस्ट, FM-90(N) ER का लाइव फायर अभ्यास
पाकिस्तानी नौसेना ने सोमवार को उत्तरी अरब सागर में सतह से हवा में मार करने वाली FM-90(N) ER मिसाइल का सफल लाइव फायर टेस्ट किया। इस परीक्षण के जरिए पाकिस्तान नौसेना ने समुद्री सीमाओं की सुरक्षा और अपनी ऑपरेशनल तैयारी को प्रदर्शित किया है। यह मिसाइल मीडियम-रेंज नेवल एयर डिफेंस सिस्टम का हिस्सा है, जिसे युद्धपोतों को हवाई हमलों से बचाने के लिए विकसित किया गया है।
भारत-पाक झड़प के बाद बढ़ी सतर्कता
यह मिसाइल परीक्षण ऐसे समय पर हुआ है, जब मई महीने में भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर चार दिनों तक सैन्य टकराव देखने को मिला था। उस दौरान दोनों परमाणु संपन्न देशों के बीच मिसाइल, तोपखाने, लड़ाकू विमानों और ड्रोन का इस्तेमाल हुआ था। हालांकि यह संघर्ष नौसैनिक झड़प में नहीं बदला, लेकिन इसके बावजूद पाकिस्तान नौसेना युद्धविराम तक हाई अलर्ट पर बनी रही।
ISPR ने बताया परीक्षण को सफल
पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने बयान जारी कर जानकारी दी कि पाकिस्तान नौसेना के एक युद्धपोत से FM-90(N) ER मिसाइल की सफल लाइव वेपन फायरिंग की गई।
ISPR के अनुसार, इस अभ्यास के दौरान अत्यधिक पैंतरेबाज़ी करने वाले हवाई लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से निशाना बनाया गया, जिससे नौसेना की युद्ध क्षमता और तत्परता की पुष्टि हुई। इस मौके पर कमांडर पाकिस्तान फ्लीट स्वयं समुद्र में मौजूद रहे और उन्होंने पूरे अभ्यास की निगरानी की।
FM-90(N) ER मिसाइल की प्रमुख विशेषताएं
मिसाइल सिस्टम को बेहतर समझने के लिए इसकी मुख्य जानकारियां नीचे दी गई हैं:
विशेषता – विवरण
मिसाइल का नाम – FM-90(N) ER
प्रकार – सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल
रेंज – मीडियम रेंज
उपयोग – युद्धपोतों को हवाई खतरों से सुरक्षा
लॉन्च प्लेटफॉर्म – नेवल शिप
उद्देश्य – फाइटर जेट, ड्रोन और अन्य हवाई लक्ष्यों को निष्क्रिय करना
समुद्री सुरक्षा को लेकर दोहराया संकल्प
ISPR के मुताबिक, फ्लीट कमांडर ने इस अभ्यास में शामिल अधिकारियों और नाविकों की पेशेवर दक्षता की सराहना की और हर परिस्थिति में पाकिस्तान के समुद्री हितों की रक्षा करने के संकल्प को दोहराया।
गौरतलब है कि पाकिस्तान बीते कुछ महीनों से अपनी सैन्य तैयारियों को तेज़ कर रहा है। हाल ही में फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने भी भारतीय सीमा के नज़दीक स्थित गुजरांवाला और सियालकोट के सैन्य ठिकानों का दौरा कर टैंक और ड्रोन अभ्यास का निरीक्षण किया था।
